सहरसा के एडीएम निशांत कुमार पर भ्रष्टाचार के आरोप, बोले- सभी आरोप निराधार, जांच का स्वागत
सहरसा के अपर समाहर्ता (एडीएम) निशांत कुमार पर लगाए गए गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर जिले की प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राष्ट्रीय परिषद सदस्य ओम प्रकाश नारायण ने कोशी प्रमंडल आयुक्त को आवेदन देकर एडीएम की आय से अधिक संपत्ति और कथित भ्रष्टाचार के मामलों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि विधानसभा चुनाव के दौरान टेंट, जेनरेटर और कुर्सी आपूर्ति के नाम पर करोड़ों रुपये का भुगतान किया गया। इसके अलावा भूमि विवाद मामलों में कथित रिश्वतखोरी, शिक्षा विभाग सहित विभिन्न पदों पर रहते हुए भ्रष्टाचार तथा परिवार और ससुराल पक्ष के नाम पर संपत्ति अर्जित करने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। भाकपा नेता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए एडीएम निशांत कुमार ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग व्यक्तिगत रंजिश और दुर्भावना के कारण उनके खिलाफ झूठे और बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधानसभा चुनाव के दौरान सरकारी राशि के दुरुपयोग को लेकर लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं।
निशांत कुमार ने कहा कि जिस आवंटन और भुगतान की बात की जा रही है, उसका अभी तक आवंटन ही नहीं हुआ है। ऐसे में वित्तीय अनियमितता के आरोपों का कोई आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार और तथ्यहीन हैं।
एडीएम ने यह भी कहा कि यदि आयुक्त को आवेदन दिया गया है तो निश्चित रूप से जांच होगी और जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी जो भी निष्कर्ष निकालेगी, उसे स्वीकार किया जाएगा। साथ ही उन्होंने दोहराया कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप राजनीतिक और व्यक्तिगत कारणों से प्रेरित हैं।
फिलहाल, इस मामले को लेकर प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज है और सभी की निगाहें संभावित जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी हुई हैं।