जनता दरबार में दिव्यांग युवक को मिली बड़ी राहत, ऑन स्पॉट बना आधार कार्ड, डीसी ने भेंट की व्हील चेयर
जामताड़ा समाहरणालय में मंगलवार को आयोजित जनता दरबार एक बार फिर आम लोगों के लिए उम्मीद की किरण साबित हुआ। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार की संवेदनशील पहल से एक दिव्यांग युवक की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान कुछ ही मिनटों में हो गया। सदर प्रखंड के गोपालपुर पंचायत अंतर्गत रामबारी गांव निवासी दिव्यांग युवक परिमल मिर्धा का मौके पर आधार नामांकन कराया गया और उन्हें चलने-फिरने के लिए व्हील चेयर भी उपलब्ध कराई गई।
जानकारी के अनुसार परिमल मिर्धा न तो बोल पाते हैं और न ही चल-फिर सकते हैं। उन्हें सामाजिक सुरक्षा पेंशन की सुविधा मिल रही थी, लेकिन बायोमैट्रिक प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण उनका आधार कार्ड नहीं बन पाया था। आधार नहीं होने की वजह से पेंशन की राशि निकालने में भी परेशानी हो रही थी। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार होने के कारण व्हील चेयर की व्यवस्था भी संभव नहीं हो पा रही थी, जिससे उनका घर से बाहर निकलना बेहद कठिन हो गया था।
मंगलवार को परिमल अपने परिजनों और पंचायत के मुखिया के साथ जनता दरबार पहुंचे और उपायुक्त के समक्ष अपनी समस्या रखी। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त आलोक कुमार ने तत्काल यूआईडीएआई के जिला परियोजना पदाधिकारी (डीपीओ) को बुलाकर युवक का आधार नामांकन कराने का निर्देश दिया। साथ ही उनकी शारीरिक स्थिति को देखते हुए तत्काल व्हील चेयर उपलब्ध कराने का आदेश भी दिया।
उपायुक्त के निर्देश के बाद समाहरणालय परिसर में ही परिमल मिर्धा का आधार एनरॉलमेंट ऑन स्पॉट पूरा कराया गया। इसके बाद उपायुक्त ने अपने कार्यालय कक्ष से व्हील चेयर निकालकर उन्हें सौंप दी। समस्या का त्वरित समाधान होने पर परिमल, उनके परिजनों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
उपायुक्त आलोक कुमार ने कहा कि जनता दरबार में आने वाले प्रत्येक फरियादी की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर सुना और उसका समाधान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक त्वरित राहत पहुंचाना और जनसमस्याओं का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करना है। जनता दरबार की इस पहल से आम लोगों का प्रशासन के प्रति विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।