पटना: बिहार के सड़क नेटवर्क को मजबूत बनाने और क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने राष्ट्रीय राजमार्ग-31 और राष्ट्रीय राजमार्ग-231 के खगड़िया-पूर्णिया खंड को चार लेन में विकसित करने की महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दे दी है। 143.529 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर 3,936.05 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इसका निर्माण बिल्ड ऑपरेट ट्रांसफर (बीओटी) मॉडल के तहत किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण निर्णय पर बिहार के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना बिहार, विशेषकर सीमांचल और कोसी क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार बिहार के विकास को प्राथमिकता दे रही है और यह परियोजना उसी सोच का हिस्सा है।
खगड़िया-पूर्णिया फोरलेन सड़क बनने से सीमांचल और कोसी क्षेत्र की कनेक्टिविटी पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी। वर्तमान में इस मार्ग पर बढ़ते यातायात दबाव के कारण लोगों को जाम और यात्रा में देरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। चार लेन सड़क बनने के बाद यात्रा अधिक सुरक्षित, सुगम और तेज होगी, जिससे लोगों का समय और संसाधन दोनों बचेंगे।
सरकार का मानना है कि बेहतर सड़क संपर्क से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। कृषि उत्पादों के परिवहन में आसानी होगी, व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी और उद्योगों को बेहतर लॉजिस्टिक सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा, पर्यटन क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, क्योंकि बेहतर सड़क संपर्क से राज्य के विभिन्न हिस्सों और पड़ोसी राज्यों से पर्यटकों की आवाजाही आसान होगी।
परियोजना के निर्माण के दौरान बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। वहीं, सड़क बनने के बाद परिवहन, व्यापार और सेवा क्षेत्र में भी नए रोजगार के रास्ते खुलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि सीमांचल और कोसी क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास की नई नींव रखेगी।