कैमूर जिले के रामगढ़ नगर बाजार में बुधवार को प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई के दौरान सड़क किनारे किए गए अवैध कब्जों को हटाने के लिए बुलडोजर चलाया गया। जैसे ही प्रशासन की टीम बाजार पहुंची, अतिक्रमणकारियों और दुकानदारों में हड़कंप मच गया।
कार्रवाई के दौरान पूरे बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। कई दुकानदारों ने नुकसान से बचने के लिए स्वयं ही अपना सामान हटाना शुरू कर दिया। प्रशासन का बुलडोजर लगातार बाजार की सड़कों पर चलता रहा और जहां भी अतिक्रमण मिला, उसे हटाया गया।
इस अभियान का नेतृत्व मोहनिया की एसडीएम रत्ना प्रियदर्शनी ने किया। उनके साथ डीसीएलआर कमलकांत द्विवेदी, रामगढ़ थानाध्यक्ष हरिप्रसाद शर्मा, नगर कार्यपालक पदाधिकारी राहुल कुमार समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल और नगर प्रशासन की टीम मौजूद रही। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि सार्वजनिक सड़कों पर अवैध कब्जा किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ यातायात नियमों के उल्लंघन पर भी कार्रवाई की गई। इस दौरान तीन बसों से जुर्माना वसूला गया। एसडीएम रत्ना प्रियदर्शनी ने बताया कि वरीय अधिकारियों के निर्देश पर पूरे जिले में अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जा रहा है और यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
हालांकि, इस कार्रवाई के बाद एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या यह अभियान स्थायी समाधान साबित होगा या फिर कुछ दिनों बाद रामगढ़ बाजार की सड़कें दोबारा अतिक्रमण की चपेट में आ जाएंगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि अतिक्रमण की समस्या केवल रामगढ़ तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे कैमूर जिले में यह समस्या बनी हुई है।
भभुआ मुख्यालय समेत जिले के कई इलाकों में सड़क किनारे ठेले और अस्थायी दुकानों के कारण अक्सर जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। प्रशासन समय-समय पर कार्रवाई तो करता है, लेकिन कुछ समय बाद फिर से अतिक्रमण दिखाई देने लगता है। ऐसे में अब लोगों की नजर प्रशासन की आगामी रणनीति पर टिकी है।