टंडावाड़ी में फिर फटी धरती: रातों-रात भू-धंसान से दहशत, ग्रामीणों ने सुरक्षित पुनर्वास की उठाई मांग
धनबाद: बाघमारा प्रखंड के सोनारडीह ओपी क्षेत्र अंतर्गत टंडावाड़ी के कर्मकार टोला में एक बार फिर भू-धंसान की घटना सामने आने से इलाके में भय और चिंता का माहौल गहरा गया है। बीती रात अचानक जमीन धंसने की घटना के बाद ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। सुबह होते ही बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए और स्थिति का जायजा लेने लगे। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने खनन प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि टंडावाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में पहले भी कई बार भू-धंसान की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। ग्रामीणों के अनुसार कोयला खनन के कारण जमीन के नीचे खाली जगह बन जाने से धरती कमजोर हो रही है, जिसके चलते समय-समय पर जमीन धंसने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
स्थानीय महिला साबो कमीन ने बताया कि रात में अचानक जमीन धंसने की आवाज सुनकर लोग घरों से बाहर निकल आए। उन्होंने कहा कि हर बार ऐसी घटनाओं के बाद आश्वासन तो मिलता है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं होता। इससे लोगों में लगातार डर बना हुआ है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि घटना की सूचना संबंधित विभाग और बीसीसीएल प्रबंधन को दी गई, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय निवासी रोहित कर्मकार ने प्रशासन और बीसीसीएल से मांग की है कि खतरे वाले क्षेत्र में रह रहे परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थान पर पुनर्वासित किया जाए। उन्होंने कहा कि लोग वर्षों से भय और असुरक्षा के बीच जीवन जी रहे हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में किसी प्रकार की जनहानि होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी बीसीसीएल और संबंधित अधिकारियों की होगी।
फिलहाल कर्मकार टोला के लोग दहशत के साये में जी रहे हैं और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं।