सहरसा में राबड़ी आवास विवाद पर भड़के राजद नेता, बोले- ओछी राजनीति से सरकार को होगा नुकसान
सहरसा। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को खाली कराने की कार्रवाई को लेकर राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं ने बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला है। सहरसा में मीडिया से बातचीत के दौरान राजद नेताओं ने कहा कि एनडीए सरकार जब-जब अपने वादों और जनहित के मुद्दों पर विफल होती है, तब जनता का ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के कदम उठाती है।
राजद नेताओं ने आरोप लगाया कि राबड़ी देवी के सरकारी आवास को खाली कराने की कोशिश राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े करती है, क्योंकि जनता महंगाई, बेरोजगारी और विकास जैसे मुद्दों पर जवाब चाहती है, जबकि सरकार राजनीतिक विवादों को बढ़ावा देने में लगी हुई है।
नेता ने कहा कि उन्हें लगता है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कई क्षेत्रों में अच्छा कार्य कर रहे हैं, लेकिन इस तरह की राजनीतिक कार्रवाई उनकी छवि को नुकसान पहुंचा सकती है। उन्होंने कहा कि राबड़ी देवी के आवास को लेकर की जा रही कार्रवाई से सरकार को कोई राजनीतिक लाभ नहीं मिलने वाला है। उल्टा इसका नकारात्मक संदेश जनता के बीच जा रहा है।
राजद नेताओं ने दावा किया कि सम्राट चौधरी को विपक्ष से ज्यादा अपनी ही सहयोगी पार्टियों जदयू और भाजपा के अंदरूनी समीकरणों से चुनौती मिल रही है। ऐसे में सरकार को राजनीतिक टकराव की बजाय जनहित के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और महागठबंधन के अन्य नेताओं ने पहले भी स्पष्ट किया है कि लोकतांत्रिक मूल्यों और जनहित के मुद्दों पर विपक्ष हमेशा अपनी भूमिका निभाएगा। राजद नेताओं ने मुख्यमंत्री को सलाह देते हुए कहा कि वे इस प्रकार की राजनीति से बचें और जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें।
राजद नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि राबड़ी देवी के आवास को खाली कराने के लिए बार-बार पुलिस बल भेजे जाने से सरकार की नकारात्मक छवि बन रही है। इससे आम लोगों के बीच गलत संदेश जा रहा है और सरकार की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं।
संवाददाता : इन्द्रदेव