पटना: बिहार विधान परिषद की 10 सीटों के लिए 18 जून को होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों खेमों में बैठकों और दावेदारी का दौर जारी है। सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सरकारी आवास 7 सर्कुलर रोड पर जेडीयू नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा की गई। साथ ही राबड़ी देवी के सरकारी आवास को खाली कराने के नोटिस से जुड़े मुद्दे पर भी बातचीत होने की चर्चा है।
जेडीयू सूत्रों के अनुसार, पार्टी कोटे से स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का विधान परिषद जाना लगभग तय माना जा रहा है। वहीं अन्य सीटों के लिए कई नेता सक्रिय हैं और शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। बिहार राज्य खाद्य आयोग के पूर्व अध्यक्ष विद्यानंद विकल ने भी नीतीश कुमार से मुलाकात कर अपनी दावेदारी रखी। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व के सामने अपनी बात रखी गई है और सकारात्मक आश्वासन मिला है।
उधर, जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं के साथ मुख्यमंत्री की लगातार बैठकों का दौर जारी है। इससे पहले रविवार को कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के आवास पर भी बैठक हुई थी। हालांकि उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने उम्मीदवारों के नाम और सीटों की संख्या पर फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी देने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला होने के बाद इसकी आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
विधान परिषद की खाली हो रही 10 सीटों में से 5 सीटें वर्तमान में जेडीयू के पास हैं। राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए इस बार पार्टी को कुछ सीटों का नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है। संभावित उम्मीदवारों में ललन मंडल, राजीव सिंह, मनीष वर्मा और सोनू सिंह के नाम प्रमुखता से चर्चा में हैं।
इधर, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के 10 सर्कुलर रोड आवास को खाली कराने के मुद्दे पर भी सियासत गरमाई हुई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक बार फिर कहा है कि नियमों के अनुसार बंगला खाली कराना ही होगा। वहीं आरजेडी इस कार्रवाई को राजनीतिक पक्षपात बता रही है। इसी बीच भवन निर्माण मंत्री लेसी सिंह ने भी नीतीश कुमार से मुलाकात की। हालांकि उन्होंने इसे सामान्य और रूटीन मुलाकात बताया।