सहरसा वन प्रमंडल में कार्यरत वन श्रमिकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर वन विभाग के अधिकारियों के समक्ष आवाज बुलंद की है। बिहार राज्य वन श्रमिक संघ, सहरसा वन प्रमंडल इकाई के बैनर तले बड़ी संख्या में श्रमिकों ने वन प्रमंडल पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर नियमित वेतन भुगतान, स्थायीकरण और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।
संघ द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि वन क्षेत्र में कार्यरत श्रमिक वर्षों से कठिन परिस्थितियों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। जंगलों की सुरक्षा, पौधारोपण, पौधों की देखरेख और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में उनकी भूमिका अहम है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें समय पर मजदूरी नहीं मिल पाती है। श्रमिकों ने आरोप लगाया कि अनियमित वेतन भुगतान के कारण उनके सामने आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
वन श्रमिकों ने मांग की है कि सभी श्रमिकों को नियमित रूप से वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए तथा उन्हें भविष्य निधि यानी पीएफ जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिया जाए। इसके साथ ही लंबे समय से कार्यरत श्रमिकों को स्थायी करने की दिशा में भी ठोस पहल की जाए।
ज्ञापन में वन सुरक्षा कार्यों में लगे कर्मियों के लिए सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने, पौधों की देखभाल करने वाले कर्मियों की संख्या बढ़ाने तथा कार्यस्थलों पर पेयजल, छाया, दरी, टॉर्च और अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है।
वन श्रमिक संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि श्रमिकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से श्रमिकों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की।
इस दौरान बिहार राज्य वन श्रमिक संघ, सहरसा इकाई के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में वन श्रमिक मौजूद रहे और एकजुट होकर अपनी मांगों को मजबूती से रखा।