सहरसा में बीपीएससी TRE-4 शिक्षक बहाली को लेकर सोमवार को शिक्षक अभ्यर्थियों का आक्रोश सड़कों पर देखने को मिला। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने शहर में आक्रोश मार्च निकालकर सरकार और बिहार लोक सेवा आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया तथा जल्द से जल्द TRE-4 का नोटिफिकेशन जारी करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थी हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर सड़कों पर उतरे और अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की। मार्च में शामिल अभ्यर्थियों ने कहा कि लंबे समय से वे शिक्षक बहाली की प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक TRE-4 की अधिसूचना जारी नहीं होने से युवाओं में निराशा और असंतोष बढ़ रहा है।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे NSUI के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक मनीष कुमार ने कहा कि सरकार ने पहले एक लाख शिक्षकों की बहाली की बात कही थी, लेकिन बाद में पदों की संख्या घटाकर 46 हजार कर दी गई। अब इसे और कम कर लगभग 20 हजार सीटों तक सीमित किए जाने की चर्चा है, जो लाखों अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है। उन्होंने सरकार से पूर्व निर्धारित रिक्तियों को बहाल करने की मांग की।
मनीष कुमार ने कहा कि शिक्षा मंत्री के सहरसा आगमन के दौरान भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवा अब अपने भविष्य और रोजगार के सवाल पर चुप बैठने वाले नहीं हैं। तपती धूप में हजारों अभ्यर्थी अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं और यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को पूरे बिहार में और तेज किया जाएगा।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में TRE-4 का अविलंब नोटिफिकेशन जारी करना, रिक्त पदों की संख्या पूर्व निर्धारित स्तर पर रखना, पीटी और मेन्स परीक्षा की बाध्यता समाप्त करना तथा आंदोलनकारी अभ्यर्थियों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेना शामिल है।
आक्रोश मार्च के बाद अभ्यर्थियों ने जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा। प्रदर्शन के दौरान युवाओं में काफी उत्साह और आक्रोश देखने को मिला। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि रोजगार और शिक्षक बहाली की मांग को लेकर उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।