गया: बिहार के मगध क्षेत्र में पुलिस विभाग में बड़ी कार्रवाई करते हुए आईजी विकास वैभव ने जहानाबाद साइबर थाने में तैनात इंस्पेक्टर पंकज कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर मखदुमपुर (टेहटा) थाना कांड संख्या 321/25 और कांड संख्या 437/24 के अनुसंधान में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप है। जहानाबाद एसपी की जांच रिपोर्ट और आईजी कार्यालय की समीक्षा के बाद यह कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार, इंस्पेक्टर पंकज कुमार इन दोनों मामलों के तत्कालीन अनुसंधानकर्ता थे। जांच में सामने आया कि उन्होंने गिरफ्तार अभियुक्तों को रिमांड पर लेकर पूछताछ नहीं की और फरार आरोपियों के खिलाफ समय पर न्यायालय से वारंट लेने के लिए आवेदन भी नहीं दिया। इससे आरोपियों को न्यायालय से लाभ मिलने की स्थिति बन गई।
आईजी कार्यालय की समीक्षा में यह भी पाया गया कि अनुसंधान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां स्टेशन डायरी में दर्ज नहीं की गई थीं। रिमांड और जांच की प्रगति से संबंधित कोई स्पष्ट रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था, जिससे जांच की पारदर्शिता और गंभीरता पर सवाल उठे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पहले जहानाबाद एसपी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई। एसपी की रिपोर्ट में अनुसंधान में लापरवाही, उदासीनता, शिथिलता और अनुशासनहीनता का उल्लेख करते हुए निलंबन की अनुशंसा की गई थी। इसके बाद आईजी विकास वैभव ने कार्रवाई करते हुए इंस्पेक्टर पंकज कुमार को सामान्य जीवन-यापन भत्ता पर निलंबित कर दिया और विभागीय जांच के निर्देश दिए।
आईजी विकास वैभव ने कहा कि अनुसंधान में बरती गई लापरवाही के कारण गंभीर प्रकृति के लूट और डकैती जैसे मामलों में आरोपियों को फायदा मिला, जिससे अपराध नियंत्रण और विधि-व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बनी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कर्तव्य में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।