नेपाल के तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब बिहार के कोसी क्षेत्र में तेजी से दिखाई देने लगा है। कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही सहरसा जिले के नौहट्टा प्रखंड स्थित केदली पुनर्वास क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आ गया है। बाढ़ का पानी लोगों के घरों, आंगनों और गलियों में घुस गया है, जिससे पूरे इलाके का जनजीवन प्रभावित हो गया है। ग्रामीणों के सामने रहने, खाने-पीने और पशुओं की देखभाल जैसी मूलभूत जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है।
लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण कई घरों में पानी भर गया है। लोगों को अपने ही घरों में रहना मुश्किल हो गया है। रसोई तक पानी पहुंचने से भोजन बनाना चुनौती बन गया है, जबकि स्वच्छ पेयजल की भी भारी किल्लत उत्पन्न हो गई है। दूसरी ओर, मवेशियों के लिए चारे की कमी से पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। हालात बिगड़ते देख कई परिवार अपने जरूरी सामान के साथ ऊंचे तटबंधों और सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं।
बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द राहत सामग्री उपलब्ध कराने, नावों की व्यवस्था करने, चिकित्सा शिविर लगाने तथा पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते राहत कार्य शुरू नहीं किया गया, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है तथा लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
इस संबंध में नौहट्टा की अंचलाधिकारी मोनी बहन ने बताया कि प्रशासन पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि यदि अगले दो से तीन दिनों तक जलस्तर इसी तरह बना रहा, तो प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही और राहत कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए नाव सेवा शुरू कर दी जाएगी। साथ ही प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए जाएंगे।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पूरे क्षेत्र में बाढ़ को लेकर चिंता और सतर्कता का माहौल बना हुआ है।
संवाददाता: इन्द्रदेव जी






