पटना से उत्तर बिहार की यात्रा अब पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज होने जा रही है। गंगा नदी पर बन रहा कच्ची दरगाह–बिदुपुर सिक्स लेन ब्रिज अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है और उम्मीद है कि मई 2026 के अंत तक इसे पूरी तरह से आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। यह अत्याधुनिक पुल पटना को सीधे हाजीपुर और समस्तीपुर से जोड़ेगा, जिससे उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल लंबाई एप्रोच रोड सहित 19.5 किलोमीटर है, जबकि मुख्य पुल की लंबाई करीब 9.75 किलोमीटर है। 32 मीटर चौड़ा यह सिक्स लेन ब्रिज आधुनिक इंजीनियरिंग का बेहतरीन उदाहरण है, जिस पर वाहन 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे। पुल का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और अंतिम सेगमेंट की लॉन्चिंग भी सफलतापूर्वक कर ली गई है।
निर्माण कार्य की निगरानी कर रहे अधिकारियों के अनुसार, पुल के अधिकांश हिस्सों पर कालीकरण का काम पूरा हो चुका है और अब केवल अंतिम फिनिशिंग का कार्य बचा है। इस मौके पर बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने परियोजना से जुड़े इंजीनियरों और निर्माण कंपनी को बधाई दी और काम की प्रगति पर संतोष जताया।
इस पुल का निर्माण 2015 में शुरू हुआ था और इसे पूरा करने में करीब 5000 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसमें से लगभग 3000 करोड़ रुपये एशियाई विकास बैंक से ऋण के रूप में लिए गए, जबकि शेष राशि राज्य सरकार ने अपने संसाधनों से वहन की है।
कच्ची दरगाह–बिदुपुर ब्रिज के चालू होने से पटना और उत्तर बिहार के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। साथ ही, राघोपुर दियारा जैसे क्षेत्रों की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। यह पुल न केवल यातायात को सुगम बनाएगा, बल्कि राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
