पटना में चौथे चरण की शिक्षक बहाली (TRE-4) का नोटिफिकेशन जारी करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. पुलिस लाठीचार्ज के बावजूद छात्रों ने पीछे हटने से इनकार कर दिया है. प्रदर्शनकारी छात्रों ने सरकार को 10 दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि में नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ तो 21 मई से गर्दनीबाग में आमरण अनशन शुरू किया जाएगा.

अभ्यर्थियों का कहना है कि नए शिक्षा मंत्री के पदभार संभालने के कारण उन्हें 10 दिन का समय दिया गया है. छात्रों के मुताबिक, पिछले दो वर्षों से लगातार बहाली प्रक्रिया में देरी हो रही है. कई बार शांतिपूर्ण प्रदर्शन किए गए, लेकिन हर बार पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा.

लाठीचार्ज में घायल छात्र अमित यादव ने आरोप लगाया कि वे जेपी गोलंबर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, तभी बिना किसी चेतावनी के पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. उन्होंने डीएसपी अरविंद कुमार पर सीधे कार्रवाई का आदेश देने का आरोप लगाया. अमित ने बताया कि उनके सिर में गंभीर चोट लगी और चार टांके आए. उन्होंने पुलिस के “हल्का बल प्रयोग” के दावे को गलत बताते हुए इसे “हाफ मर्डर” करार दिया.

छात्रों का आरोप है कि सरकार ने चुनाव से पहले नौकरी देने का वादा किया था. पहली, दूसरी और तीसरी शिक्षक बहाली डेढ़ साल में पूरी हो गई, लेकिन चौथे चरण के लिए अभ्यर्थी दो साल से इंतजार कर रहे हैं. उनका कहना है कि शिक्षा विभाग ने बीपीएससी को वैकेंसी भेज दी है, फिर भी नोटिफिकेशन जारी नहीं किया जा रहा.

छात्र नेता सौरभ ने दिलीप कुमार समेत गिरफ्तार चार अभ्यर्थियों की रिहाई की मांग की है. उन्होंने 5000 छात्रों पर दर्ज एफआईआर की निंदा करते हुए कहा कि दमन से आंदोलन दबाया नहीं जा सकता. साथ ही महिला अभ्यर्थियों के साथ पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार का भी आरोप लगाया गया है.

अभ्यर्थियों का कहना है कि कई युवाओं की उम्र सीमा समाप्त हो रही है. बीएड, डीएलएड, CTET और STET पास छात्र लंबे समय से नौकरी का इंतजार कर रहे हैं. अब छात्रों ने साफ कर दिया है कि यदि जल्द नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र होगा।

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