मुंगेर के बासुदेवपुर थाना क्षेत्र से दो साल पहले लापता हुआ 27 वर्षीय धर्मेंद्र कुमार जम्मू-कश्मीर में भारत-पाकिस्तान सीमा के पास सुरक्षित मिला है. युवक के जीवित होने की खबर मिलते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई, लेकिन अब उसे घर वापस लाने की चिंता सताने लगी है.
जानकारी के अनुसार, चंडी स्थान निषाद टोला वार्ड संख्या-5 निवासी धर्मेंद्र कुमार 19 अगस्त 2022 को घर से मात्र 50 रुपये लेकर निकला था. परिजनों का कहना है कि धर्मेंद्र मानसिक रूप से अस्वस्थ है और अचानक घर छोड़कर चला गया था. काफी खोजबीन और रिश्तेदारों के यहां तलाश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला. समय बीतने के साथ परिवार की उम्मीदें भी लगभग खत्म हो चुकी थीं.
धर्मेंद्र की मां मुन्नी देवी ने बताया कि बेटे के जिंदा मिलने की खबर किसी चमत्कार से कम नहीं है. उन्होंने कहा कि परिवार बेहद गरीब है और अब सरकार से बेटे को सुरक्षित वापस लाने की मदद की मांग कर रहा है. धर्मेंद्र के पिता शत्रोहन साहनी मजदूरी और मछली पकड़कर परिवार का गुजारा करते हैं.
बताया जा रहा है कि युवक जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान सीमा के समीप सेना कैंप क्षेत्र में संदिग्ध हालत में घूमता मिला था. सेना के जवानों ने उसे पकड़कर पूछताछ की, लेकिन बातचीत के दौरान उसकी मानसिक स्थिति सामान्य नहीं लगी. इसके बाद सेना और स्थानीय पुलिस ने उसकी पहचान की कोशिश शुरू की. जांच में पता चला कि वह बिहार के मुंगेर जिले का रहने वाला है.
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बाद में मुंगेर पुलिस से संपर्क किया. जब बासुदेवपुर थाना पुलिस युवक की तस्वीर लेकर गांव पहुंची तो परिजन भावुक हो उठे और तुरंत उसकी पहचान कर ली. पुलिस ने परिवार को बताया कि धर्मेंद्र फिलहाल जम्मू-कश्मीर के लालपोरा थाना क्षेत्र के कोहवारा इलाके में सुरक्षित है.
अब परिवार जिला प्रशासन और बिहार सरकार से अपील कर रहा है कि आर्थिक मदद देकर धर्मेंद्र को जल्द घर वापस लाया जाए.
