सीतामढ़ी जिले के भारत-नेपाल सीमा से सटे सोनबरसा थाना क्षेत्र के इंदरवा बॉर्डर पर सुरक्षा एजेंसियों ने नकली नोटों के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. SSB की 51वीं बटालियन और बिहार STF की संयुक्त कार्रवाई में रामप्रीत महतो नामक आरोपी को गिरफ्तार किया गया. तलाशी के दौरान उसके पास से भारी मात्रा में नकली भारतीय और नेपाली करेंसी बरामद हुई.
सुरक्षा बलों ने आरोपी के पास से 200 रुपये के 651 नकली भारतीय नोट और 500 रुपये के 100 नकली नेपाली नोट जब्त किए. इसके अलावा 1 लाख 54 हजार 500 रुपये भारतीय असली नगद और 6 हजार 275 नेपाली रुपये भी बरामद किए गए. कार्रवाई के बाद सीमावर्ती इलाके में हड़कंप मच गया है.
SSB के सहायक उप निरीक्षक रंजीत वैद्य ने बताया कि गिरफ्तार रामप्रीत महतो पहले भी जाली नोट कारोबार और आर्म्स एक्ट के मामलों में जेल जा चुका है. उसके खिलाफ सोनबरसा थाना समेत मुजफ्फरपुर जिले में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. प्रारंभिक पूछताछ में एजेंसियों को सीमा पार तस्करी नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग मिले हैं.
जानकारी के अनुसार सुरक्षा एजेंसियों को गुप्त सूचना मिली थी कि भारत-नेपाल सीमा के रास्ते नकली नोटों की तस्करी की जा रही है. इसी आधार पर इंदरवा बॉर्डर के पास संयुक्त छापेमारी की गई. अधिकारियों का मानना है कि आरोपी लंबे समय से सीमा पार से नकली नोटों की सप्लाई में शामिल था.
रंजीत वैद्य ने बताया कि सोनबरसा और भीठामोड़ बॉर्डर क्षेत्र पहले से ही नकली नोट तस्करी का हॉटस्पॉट रहा है. पूर्व में कई तस्करों और विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है. खुली सीमा का फायदा उठाकर तस्कर लंबे समय से सक्रिय हैं.
फिलहाल SSB और बिहार STF की टीम आरोपी के मोबाइल, दस्तावेजों और संपर्कों की गहन जांच कर रही है. सीमा क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है और संदिग्ध लोगों पर कड़ी नजर रखी जा रही है. अधिकारियों को उम्मीद है कि जांच में आगे और बड़े खुलासे हो सकते हैं.
