बिहार के बगहा से एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है, जहां खाकी वर्दी में कानून व्यवस्था संभालने वाली अधिकारी शिक्षा की अलख जगाती नजर आईं। प्रभारी एसपी निर्मला कुमारी ने अपनी जिम्मेदारी से आगे बढ़कर समाज के भविष्य को संवारने की मिसाल पेश की है।
दरअसल, बगहा के परसा स्थित आवासीय कस्तूरबा विद्यालय में जब एसपी निर्मला कुमारी निरीक्षण के लिए पहुंचीं, तो वहां इंग्लिश की टीचर अनुपस्थित थीं। ऐसे में उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि बच्चियों की पढ़ाई बाधित न हो। वे तुरंत क्लासरूम में पहुंचीं और खुद इंग्लिश पढ़ाना शुरू कर दिया। अचानक एसपी को शिक्षक की भूमिका में देखकर छात्राएं भी उत्साहित हो गईं और पूरे मन से पढ़ाई में जुट गईं।
यह पहला मौका नहीं है जब निर्मला कुमारी ने ऐसा कदम उठाया हो। वे लगातार क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों में जाकर बच्चों को पढ़ाने, उनका मार्गदर्शन करने और उन्हें प्रेरित करने का काम करती रही हैं। साथ ही, जरूरतमंद छात्रों को कॉपी और पेन वितरित कर वे यह भी सुनिश्चित करती हैं कि संसाधनों की कमी किसी की शिक्षा में बाधा न बने।
इस पहल पर एसपी निर्मला कुमारी ने कहा कि जब उन्हें शिक्षक की अनुपस्थिति की जानकारी मिली, तो उन्होंने तय किया कि पढ़ाई रुकनी नहीं चाहिए। उनके अनुसार, शिक्षा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है और इसमें समाज के हर जिम्मेदार व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि वे जनसंवाद के दौरान स्कूलों को प्राथमिकता देती हैं, क्योंकि वहीं देश की अगली पीढ़ी तैयार होती है। समाज में फैली कुरीतियों, खासकर नशे के खिलाफ जागरूकता लाना जरूरी है, ताकि बच्चे अपराध की ओर न बढ़ें।
2005 में बीपीएससी पास कर बिहार पुलिस सेवा में आईं निर्मला कुमारी की यह पहल अब बगहा में चर्चा का विषय बन गई है और समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश दे रही है।
