पटना:  पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय ने नई शिक्षा व्यवस्था के तहत मल्टीडिसिप्लिनरी कोर्स लागू करने की दिशा में तेजी से काम शुरू कर दिया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों को पारंपरिक शिक्षा के सीमित दायरे से बाहर निकालकर उन्हें बहुआयामी और लचीली शिक्षा प्रदान करना है। अब छात्र केवल अपने मुख्य संकाय तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि अपनी रुचि और जरूरत के अनुसार अन्य विषयों का भी चयन कर सकेंगे।

नई व्यवस्था के तहत कला और विज्ञान संकाय के विद्यार्थी अपने मेजर और माइनर विषयों के अलावा भी एक या अधिक अतिरिक्त विषय चुन पाएंगे। इससे उन्हें विभिन्न क्षेत्रों की समझ विकसित करने का अवसर मिलेगा, जो आगे चलकर उनके करियर विकल्पों और रोजगार संभावनाओं को भी मजबूत करेगा।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी कॉलेज में मल्टीडिसिप्लिनरी या चॉइस बेस्ड विषयों की पढ़ाई तभी शुरू की जाएगी, जब उस विषय के लिए कम से कम 30 विद्यार्थी उपलब्ध होंगे। छात्रों की संख्या पूरी होने पर संबंधित विषय की पढ़ाई के लिए गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति भी की जाएगी, ताकि शिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखी जा सके।

इसके अलावा, जिन विषयों के लिए स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं हैं, उनके लिए बाहरी शिक्षकों की मदद ली जाएगी। विश्वविद्यालय की योजना है कि जरूरत पड़ने पर अन्य राज्यों, विशेष रूप से बंगाल के कॉलेजों से विशेषज्ञ शिक्षकों को जोड़कर छात्रों को बेहतर मार्गदर्शन दिया जाए।

विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. ए.के. रिजवी के अनुसार, नए सत्र से यह व्यवस्था पूरी तरह लागू कर दी जाएगी। हर सेमेस्टर में छात्र एएमडीसी के तहत अपने मुख्य विषयों से अलग विषयों का चयन कर सकेंगे। यह पूरी प्रक्रिया लचीली होगी, जिससे विद्यार्थियों को क्रॉस-डिसिप्लिनरी लर्निंग का पूरा अवसर मिलेगा।

यूजी स्तर पर बीए, बीएससी और बीकॉम के छात्र अब ई-कॉमर्स, डिजास्टर मैनेजमेंट, एनवायरमेंटल साइंस, खेल विज्ञान, भारतीय ज्ञान प्रणाली और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विषयों का चयन कर सकेंगे। इस पहल से छात्रों को न केवल डिग्री, बल्कि व्यावहारिक और समग्र ज्ञान भी प्राप्त होगा, जिससे वे भविष्य की प्रतिस्पर्धा के लिए बेहतर तैयार हो सकेंगे।

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