मानसून से पहले सहरसा शहर में हर साल होने वाली जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए इस बार बड़े स्तर पर तैयारी शुरू कर दी गई है। स्थानीय विधायक और आई.पी.पी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आई.पी. गुप्ता ने एक विस्तृत “मास्टर प्लान” की घोषणा की है। शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि इस योजना को प्रशासन, नगर निगम और आम लोगों की भागीदारी से लागू किया जाएगा, ताकि बारिश के दौरान लोगों को राहत मिल सके।

उन्होंने कहा कि सहरसा शहर स्थापना काल से ही जलजमाव की समस्या से जूझता रहा है। लेकिन इस बार बारिश शुरू होने से पहले ही ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। योजना के तहत शहर के सभी 46 वार्डों को चार जोन में बांटा जाएगा, जिसमें हर जोन में करीब 11 वार्ड शामिल होंगे।

जलजमाव की गंभीरता के आधार पर इन क्षेत्रों को चार श्रेणियों में विभाजित किया जाएगा—रेड जोन, येलो जोन, ग्रीन जोन और ड्राई जोन। इसके लिए पटना के विज्ञान केंद्र से मौसम और बारिश से जुड़े सटीक आंकड़े मंगवाए गए हैं, ताकि संभावित जलजमाव का सही आकलन कर प्रभावी कार्ययोजना बनाई जा सके।

प्रेस वार्ता के दौरान विधायक ने शहर की मौजूदा स्थिति पर चिंता भी जताई। उन्होंने बताया कि सहरसा के घरों से प्रतिदिन करीब 1 करोड़ 85 लाख लीटर गंदा पानी निकलता है, लेकिन इसके निकास के लिए पर्याप्त ड्रेनेज सिस्टम मौजूद नहीं है। शहर के केवल 4.5 से 5.5 प्रतिशत हिस्से में ही नालों का निर्माण हो पाया है, जिससे मौजूदा नालों पर दबाव बढ़ जाता है और जलनिकासी बाधित होती है।

उन्होंने कहा कि केवल नगर निगम को दोष देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। इसके लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों को मिलकर काम करना होगा। विधायक ने भरोसा दिलाया कि इस बार मानसून से पहले ठोस तैयारी कर सहरसा के लोगों को जलजमाव से राहत दिलाने की पूरी कोशिश की जाएगी

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