पटना से बड़ी खबर है, जहां बिहार में नई सरकार के गठन के बाद सियासी समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। नए स्वरूप में जेडीयू अब छोटे भाई की भूमिका में है, जबकि बीजेपी मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है। इन बदलावों के बीच जेडीयू ने साफ किया है कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के वादों और नीतियों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
इसी कड़ी में बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने मीडिया के सामने आकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने खासतौर पर राज्य के अल्पसंख्यक समुदाय को संबोधित करते हुए भरोसा दिलाया कि उन्हें डरने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि बिहार में अल्पसंख्यक पूरी तरह सुरक्षित और संरक्षित हैं और उन्हें बहुसंख्यकों के समान अधिकार और सुरक्षा मिल रही है।
विजय कुमार चौधरी ने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार, जो सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बनी है, वही रास्ता अपनाएगी जो नीतीश कुमार ने तय किया था। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार की नीति ‘3C’ यानी क्राइम, करप्शन और कम्युनलिज्म के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की है और इस पर कोई समझौता नहीं होगा।
उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह लगातार अल्पसंख्यक समाज को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। वक्फ संशोधन को लेकर फैलाई गई अफवाहों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष ने यह प्रचार किया कि सरकार मुस्लिम समुदाय की संपत्ति हड़पना चाहती है, जबकि ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है।
डिप्टी सीएम ने एसआईआर को लेकर भी विपक्ष के दुष्प्रचार को खारिज किया और कहा कि किसी भी मुस्लिम नागरिक के अधिकारों का हनन नहीं हुआ है। उन्होंने दावा किया कि नीतीश सरकार के दौरान शिक्षा, रोजगार और विकास के क्षेत्र में अल्पसंख्यक समुदाय को विशेष लाभ मिला है।
अंत में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना जैसी पहल से मुस्लिम समाज के आर्थिक विकास को गति मिली है और अब समाज खुद समझ चुका है कि उसके वास्तविक हितैषी कौन हैं।
