पटना: बिहार में नई सरकार के गठन के बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार शाम दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं, जहां वे केंद्रीय नेतृत्व के साथ अहम बैठकें करेंगे। रविवार को उनकी मुलाकात केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से प्रस्तावित है, जबकि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से भी वे चर्चा करेंगे।
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अंतिम रूपरेखा तैयार की जा सकती है। नई सरकार बने करीब 16 दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक कैबिनेट का विस्तार नहीं हुआ है। ऐसे में यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री अपने साथ संभावित मंत्रियों की सूची भी दिल्ली ले गए हैं, जिस पर शीर्ष नेतृत्व के साथ मंथन होगा।
दिल्ली रवाना होने से पहले सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी मुलाकात की। वहीं, जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने भी भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात कर मंत्रिमंडल गठन पर चर्चा की। इन लगातार बैठकों से साफ है कि गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे और मंत्री पद को लेकर गहन विचार-विमर्श जारी है।
सूत्रों की मानें तो इस बार कैबिनेट गठन में “15-15 फॉर्मूला” लागू हो सकता है। इसके तहत भाजपा और जदयू के बीच लगभग बराबर हिस्सेदारी तय हो सकती है। खबर है कि भाजपा के 13 और जदयू के 12 नेता मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। इसके अलावा सहयोगी दलों—एलजेपी (रामविलास), हम और आरएलएम—को भी प्रतिनिधित्व दिए जाने की संभावना है।
अब सबकी नजर दिल्ली में होने वाली इन बैठकों पर टिकी है। माना जा रहा है कि 6 मई तक मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया पूरी हो सकती है और नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण भी उसी दिन कराया जा सकता है।
