शिवहर में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की किल्लत ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। एक तरफ तेल कंपनियां और सरकार यह दावा कर रही हैं कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। जिले के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं और कई जगहों पर ईंधन पूरी तरह खत्म हो चुका है।
ऑटो चालक मुन्ना राम बताते हैं कि वे शुक्रवार शाम बिना सीएनजी लिए ही पंप से लौट गए थे। शनिवार सुबह 6 बजे से लाइन में खड़े हैं, लेकिन अब तक गैस नहीं मिल सकी है। इस कारण दो दिनों से उनकी कोई कमाई नहीं हो पाई है। वहीं ऑटो चालक मोहम्मद सलाउद्दीन का कहना है कि वे शुक्रवार सुबह 7 बजे से लाइन में लगे थे, लेकिन शाम 4 बजे यह कह दिया गया कि गैस उपलब्ध नहीं है। शनिवार को भी वे लाइन में हैं। उन्होंने कहा कि ऑटो लोन पर है, हर महीने 10 हजार रुपये की किस्त देनी होती है, ऐसे में कमाई बंद होने से बड़ी परेशानी हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के करीब 10 पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल उपलब्ध नहीं है। लचका पुल के पास स्थित पंप पर 8 हजार लीटर पेट्रोल मात्र 5 घंटे में खत्म हो गया। वहीं पुलिस लाइन के पास एक अन्य पंप पर 2 हजार लीटर पेट्रोल 3-4 घंटे में ही समाप्त हो गया। कई पंपों पर “पेट्रोल नहीं है” के बोर्ड लगा दिए गए हैं।
इस संकट का असर आवागमन पर भी साफ दिख रहा है। लोग अपनी गाड़ियां धकेलते नजर आ रहे हैं और कई लोग पैदल चलने को मजबूर हैं।
हालांकि अनुमंडल दंडाधिकारी अविनाश कुणाल का कहना है कि यह अस्थायी स्थिति है। शादी-विवाह का सीजन और हाल के दिनों में डिपो बंद रहने के कारण आपूर्ति प्रभावित हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।
