बिहार के कुख्यात अपराधी भोला सिंह को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने गुजरात के सूरत से गिरफ्तार कर लिया है. यह गिरफ्तारी करीब 12 साल पुराने अपहरण मामले में की गई है, जिसमें पश्चिम बंगाल के दो लोगों के किडनैपिंग का केस दर्ज था. लंबे समय से फरार चल रहा भोला सिंह सूरत में नाम बदलकर ‘गौतम’ और ‘अमित शर्मा’ के रूप में रह रहा था, लेकिन आखिरकार वह कानून के शिकंजे में आ ही गया.

पटना जिले के पंडारक थाना क्षेत्र का रहने वाला भोला सिंह बिहार पुलिस के लिए लंबे समय से बड़ी चुनौती बना हुआ था. उसके खिलाफ हत्या, अपहरण, अवैध हथियार और विस्फोटक पदार्थ से जुड़े करीब दर्जन भर गंभीर मामले दर्ज हैं. उसकी गिरफ्तारी को जांच एजेंसियों की बड़ी सफलता माना जा रहा है और अब उससे पूछताछ की तैयारी चल रही है.

भोला सिंह का आपराधिक सफर काफी अलग रहा है. वह कभी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) का जवान था और उसने कमांडो ट्रेनिंग भी ली थी. लेकिन नौकरी छोड़ने के बाद उसने अपराध की दुनिया में कदम रख दिया. शुरुआत में वह मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह का करीबी सहयोगी था और दोनों साथ में ठेकेदारी का काम भी करते थे.

हालांकि, साल 2010 में करीब दो करोड़ रुपये के लेन-देन को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ, जो बाद में दुश्मनी में बदल गया. इसके बाद दोनों के बीच वर्चस्व की लड़ाई खुलकर सामने आई. कई हत्याओं में भी भोला सिंह का नाम सामने आया, जिसमें 2008 में संजय सिंह की हत्या और 2013 में पटना के आनंदपुरी इलाके में राजीव सिंह की हत्या शामिल है.

इतना ही नहीं, उस पर पुलिसकर्मियों की हत्या का भी आरोप है. साल 2021 में पंडारक क्षेत्र में मुखिया प्रियरंजन कुमार और दो पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में भी उसका नाम जुड़ा था. इस मामले में उस पर तीन लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था.

करीब दो दशक तक अपराध की दुनिया में सक्रिय रहने वाला भोला सिंह हर बार कानून से बचता रहा, लेकिन अब CBI की गिरफ्तारी के बाद उसके नेटवर्क और पुराने मामलों में बड़े खुलासे होने की उम्मीद है.

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