भागलपुर के नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल में एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां इमरजेंसी वार्ड में घायल मरीज तड़पते रहे और ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर अस्पताल परिसर में क्रिकेट खेलते नजर आए।
मामला उस समय का है जब सड़क दुर्घटना में घायल छह लोगों को आनन-फानन में अस्पताल लाया गया। इनमें से पांच की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही थी और उन्हें तत्काल चिकित्सकीय सहायता की जरूरत थी। लेकिन आरोप है कि इमरजेंसी में मौजूद चिकित्सक डॉ. अफजल हुसैन उस वक्त मरीजों का इलाज करने के बजाय बच्चों के साथ क्रिकेट खेलने में व्यस्त थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डॉक्टर ने इलाज की जिम्मेदारी अन्य स्टाफ को सौंप दी और खुद मौके से हट गए। इस दौरान गंभीर रूप से घायल मरीज दर्द से कराहते रहे और समय पर समुचित इलाज नहीं मिल सका। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। संबंधित चिकित्सक पर पहले भी ड्यूटी के दौरान लापरवाही और अनुपस्थिति के आरोप लग चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे साफ है कि जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के कारण ऐसी घटनाएं लगातार दोहराई जा रही हैं।
अस्पताल की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि यहां अक्सर गंभीर मरीजों को “सुविधा नहीं है” कहकर रेफर कर दिया जाता है। वहीं, अस्पताल परिसर के बाहर सक्रिय दलालों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है, जो मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर मोड़ने का काम करते हैं।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। नागरिकों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो सके।
