भागलपुर से नवगछिया को जोड़ने वाला विक्रमशिला सेतु क्षतिग्रस्त होने के बाद अब लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ गई है। सेतु का एक बड़ा हिस्सा गंगा नदी में समा जाने के बाद दोनों इलाकों के बीच सीधा संपर्क टूट गया है और लोगों के पास नाव ही एकमात्र सहारा बचा है।
इस आपदा के बीच नाविकों की मनमानी खुलकर सामने आ रही है। यात्रियों का आरोप है कि पहले जहां गंगा पार करने के लिए महज 10 रुपए किराया लिया जाता था, वहीं अब 100 रुपए प्रति व्यक्ति तक वसूले जा रहे हैं। मजबूरी में लोग अपनी जेब ढीली कर इस महंगे सफर को तय करने को विवश हैं।
सबसे अधिक दिक्कत रोजाना भागलपुर से नवगछिया आने-जाने वाले मजदूरों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं को हो रही है। पहले जो दूरी महज 10 मिनट में तय हो जाती थी, अब नाव के जरिए घंटों लग रहे हैं। ऊपर से बढ़ा हुआ किराया लोगों के लिए आर्थिक बोझ बन गया है।
यात्रियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि नावों के किराए को नियंत्रित किया जाए और रेट चार्ट लागू कर मनमानी वसूली पर रोक लगाई जाए। लोगों का कहना है कि आपदा के समय इस तरह की वसूली सरासर गलत है और इस पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।
वहीं, भागलपुर के ट्रैफिक डीएसपी संजय कुमार ने आम लोगों से अपील की है कि वे ओवरलोडेड नावों में सफर करने से बचें और अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें। प्रशासन की ओर से निगरानी बढ़ाने की बात कही जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात अभी भी चिंताजनक बने हुए हैं।
