झारखंड के बोकारो जिले में अवैध बालू कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। दामोदर नदी से खुलेआम दिन के उजाले में सैकड़ों ट्रैक्टरों के जरिए बालू की ढुलाई की जा रही है, लेकिन खनन विभाग और पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं।
तस्वीरें बेरमो अनुमंडल के कथारा ओपी क्षेत्र की हैं, जहां दामोदर नदी से बड़े पैमाने पर अवैध बालू खनन का खेल जारी है। स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह से लेकर देर शाम तक लगातार ट्रैक्टर नदी से बालू लोड कर विभिन्न इलाकों में सप्लाई करते देखे जा सकते हैं। हैरानी की बात यह है कि यह सब कुछ खुलेआम हो रहा है, फिर भी प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही।
बोकारो में पहले से ही अवैध कोयला कारोबार चर्चा में रहा है, और अब अवैध बालू खनन ने भी माफिया तंत्र को और मजबूत कर दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में यह अवैध धंधा चल रहा है? क्या माफियाओं को प्रशासन का कोई डर नहीं रह गया है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि दामोदर नदी से लगातार हो रहे अवैध खनन से पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है। नदी का स्वरूप बिगड़ रहा है और भविष्य में इसका गंभीर असर देखने को मिल सकता है।
खनन विभाग और पुलिस प्रशासन की चुप्पी भी कई सवाल खड़े कर रही है। आखिर शासन-प्रशासन इस मामले में खामोश क्यों है? क्या उनके पास कोई मजबूरी है, या फिर अवैध कारोबारियों को कहीं न कहीं संरक्षण प्राप्त है?
इस पूरे मामले पर बोकारो के उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा है कि उन्होंने जिला खनन पदाधिकारी (DMO) और संबंधित थाना प्रभारी को 48 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन की यह सक्रियता सिर्फ कागजों तक सीमित रहती है या फिर जमीनी स्तर पर भी कोई बड़ी कार्रवाई होती है।
संवाददाता – चंदन सिंह, बोकारो / झारखंड
