विधवा हो चुकी बहू को बेटी के रूप में रिश्तों के पलड़ों पर तौलते हुए ससुर ने बहू की दूसरी शादी करा दी, ताकी पतझड़ के बाद बहू की वीरान जिंदगी में फिर से बहार आ सके। मामला घोघा थाना क्षेत्र के जानीडीह का है। जानीडीह (पुराना घर आठगांवा) निवासी अनील मंडल ने पिता का फर्ज निभाते हुए विधवा हो चुकी अपने पुत्रवधू अंजू देवी की दूसरी शादी करा कर एक मिशाल कायम कर दी तथा ऐसी परिस्थिति में समाज को नई सोंच पर अमल करने का संदेश भी दिया। इस प्रकार की पहल लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुई है, लोग इस कार्य की सराहना कर रहें है। इस पहल के बाद वर्ष 2022 का विवाह मुहूर्त आस पास क्षेत्रों के लिए खास बन गया। विवाह धूम धाम से संपन्न हुई विवाह के मौके पर ग्रामीण भोज का भीआयोजन किया

अनिल मंडल (60), अपनी पत्नी मंजू देवी (55), पुत्र रविन्द्र कुमार (30) व बहू अंजू देवी (28) के साथ खुशी-खुशी अपना जीवन गुजार रहे थे। अनिल को सिर्फ एक पुत्र था, पुत्री नही था। बीते वर्ष 3 जून 2020 को पत्नी मंजू देवी का देहांत हो गया। इसके बाद 27 जुलाई 2020 को पुत्र रविन्द्र कुमार की भी हृदयगति रूकने से मौत हो गई। इस प्रकार दो-दो घटनाओं से अनिल मंडल विचलित हो गए।बहू भी मानसिक रूप से परेशान व गुमसुम रहने लगी समय बीतने के साथ धीरे-धीरे जख्मों पर मरहम भी लगता गया, दो वर्षों में स्थिति काफी हद तक सामान्य हो गई ।दूसरी ओर अनिल को पुत्री नही रहने से बहू को ही पुत्री मान कर अपने कर्तव्य का निर्वहन करता रहे।

बहु के एकाकीपन और भविष्य के बारे में सोचते-सोचते ससुर अनिल ने शादी कराने का निर्णय ले लिया और शादी कराने को लेकर प्रयासरत रहने लगे। अनिल का प्रयास भी बेकार नही गया अंतत: अपने ही रिश्तेदार में योग्य लड़का मिल गया। बीते 14 मई को बटेश्वर स्थान में आठगॉवा निवासी जयराम मंडल के पुत्र निर्मल राज (32) के साथ बहू अंजू (30) की शादी विधि विधान के साथ कर दी। संपूर्ण वैवाहिक कार्यक्रम में कन्या पक्ष की ओर से श्वसुर अनिल मंडल ने भूमिका निभाई।

अरमान हुआ पूरा

ससुर सह पिता अनिल मंडल ने जानकारी देते हुए बताया की मुझे बेटी नही है, लेकिन बहू ने सदैव मुझे अपने सगे पिता से भी बढ़कर ज्यादा मान सम्मान दिया। बहू से ज्यादा बेटी के रूप में मेरा अरमान पूरा किया मैं काफी खुश हूं।

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