बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज राज्य मंत्रिपरिषद की दूसरी महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। करीब एक घंटे 15 मिनट तक चली इस बैठक में कैबिनेट ने कुल 63 एजेंडों पर अपनी स्वीकृति दी। इस बैठक में विकास, शिक्षा, सड़क, ऊर्जा, पुलिस व्यवस्था और सामाजिक कल्याण से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए।
सबसे बड़ा फैसला मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना को लेकर हुआ, जिसके तहत 23 हजार 165 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई। इस योजना से राज्य के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।
कैबिनेट ने संजय गांधी जैविक उद्यान का नाम बदलकर ‘पटना जू’ करने की मंजूरी दी। साथ ही संजय गांधी जैविक उद्यान प्रबंधन एवं विकास समिति का नाम भी बदलकर ‘पटना जू प्रबंधन एवं विकास समिति’ किया जाएगा।
बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी बड़े फैसले लिए गए। बक्सर-आरा-मनेर गंगा पथ को 90 किलोमीटर लंबाई में PPP मोड पर बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के माध्यम से बनाने की स्वीकृति मिली। वहीं बिदुपुर से दिघवारा तक 50 किलोमीटर लंबाई में गंगा पथ निर्माण को भी मंजूरी दी गई।
मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति छात्रावास अनुदान योजना के तहत छात्रावास अनुदान राशि 1000 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये कर दी गई है। राज्य के 139 छात्रावासों में रहने वाले करीब 10,500 छात्र-छात्राओं को इसका लाभ मिलेगा।
सात निश्चय-3 के तहत जिला स्कूलों और प्रत्येक प्रखंड के एक उच्च माध्यमिक विद्यालय को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित करने के लिए 8 अरब रुपये खर्च की स्वीकृति दी गई। वहीं मोक्ष धाम, श्मशान घाट और कब्रिस्तान के संचालन एवं रखरखाव के लिए लगभग 69 करोड़ 79 लाख रुपये मंजूर किए गए।
इसके अलावा भागलपुर, मुजफ्फरपुर, बिहार शरीफ और गया में यातायात पुलिस के 485 नए पदों के सृजन, पुलिस अवर निरीक्षक पदों में 50 प्रतिशत पद प्रोन्नति के लिए आरक्षित करने और साइबर अपराध इकाई के लिए नए भवन निर्माण को भी मंजूरी दी गई।
