भागलपुर के चर्चित सुल्तानगंज गोलीकांड मामले में अब CID की जांच तेज हो गई है। बुधवार को CID विभाग के DIG जयंत कांत और CID के एसपी ने सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और जांच से जुड़े हर पहलू का गहन अवलोकन किया।

 

गौरतलब है कि मंगलवार को सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में दिनदहाड़े अपराधियों ने घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। इस हमले में कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण प्रसाद और नगर परिषद अध्यक्ष राजकुमार गुड्डू को गोली मारी गई थी। गंभीर रूप से घायल कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण प्रसाद की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि नगर परिषद अध्यक्ष का इलाज अब भी जारी है।

 

इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे बिहार में प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए CID ने जांच अपने हाथ में ले ली है।

 

इसी बीच इस केस में एक और बड़ा खुलासा सामने आया है। बताया जा रहा है कि पुलिस मुठभेड़ में मारे गए मुख्य अभियुक्त रामधनी यादव की पत्नी नीलम देवी सुल्तानगंज नगर परिषद की उपसभापति हैं। इस जानकारी के सामने आने के बाद मामला और अधिक चर्चाओं में आ गया है।

 

पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी रामधनी यादव को घटना में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी के लिए ले जाया जा रहा था। इसी दौरान उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें रामधनी यादव गंभीर रूप से घायल हो गया।

 

घायल अवस्था में उसे भागलपुर के मायागंज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

 

फिलहाल CID की टीम पूरे मामले की तह तक जाने में जुटी हुई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस हमले के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा क्या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी।

 

पूरे जिले में इस घटना को लेकर अभी भी तनाव और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

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