सहरसा में पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा आयोजित ‘सेवा संवाद-समाधान, सीधा संवाद, त्वरित समाधान’ कार्यक्रम में आम नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। इस विशेष पहल का उद्देश्य जनता और पुलिस के बीच सीधा संवाद स्थापित कर शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपनी-अपनी समस्याएं और शिकायतें लेकर पहुंचे। किसी ने भूमि विवाद, तो किसी ने पारिवारिक तनाव, मारपीट, साइबर ठगी, थाना स्तर पर लंबित मामलों और स्थानीय अपराध से जुड़ी शिकायतें पुलिस अधीक्षक के समक्ष रखीं।
पुलिस अधीक्षक ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई, त्वरित निष्पादन और प्रभावी समाधान के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य आम जनता को न्याय दिलाना और भयमुक्त वातावरण प्रदान करना है।
एसपी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी शिकायत को हल्के में न लिया जाए और हर मामले में निष्पक्ष एवं पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जनता का विश्वास ही पुलिस की सबसे बड़ी ताकत है और इसी विश्वास को मजबूत करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के दौरान कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि अन्य मामलों में संबंधित थाना प्रभारी और विभागीय अधिकारियों को जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
‘सेवा संवाद-समाधान’ कार्यक्रम को लेकर आम लोगों में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। लोगों ने कहा कि पुलिस अधीक्षक द्वारा सीधे शिकायत सुनना और तुरंत कार्रवाई का निर्देश देना सराहनीय पहल है। इससे आम नागरिकों को अपनी बात रखने का अवसर मिलता है और न्याय की उम्मीद भी मजबूत होती है।
इस पहल से पुलिस-प्रशासन और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने की उम्मीद जताई जा रही है। सहरसा पुलिस का यह प्रयास न केवल शिकायतों के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि जनविश्वास बढ़ाने की दिशा में भी एक प्रभावी पहल माना जा रहा है।
