सहरसा में बिहार के पहले अत्याधुनिक शंकरा नेत्र चिकित्सालय का भव्य उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और 70वें जगद्गुरु शंकराचार्य श्री शंकर विजयेंद्र सरस्वती जी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर अस्पताल का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में सहरसा नगर निगम की महापौर बैन प्रिया सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए जगद्गुरु शंकराचार्य श्री शंकर विजयेंद्र सरस्वती जी ने कहा कि बिहार हर क्षेत्र में तेजी से विकास कर रहा है और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य परंपरा की अनुभूतियों को बिहार के विकास से जोड़ने का लगातार प्रयास किया जा रहा है, ताकि आम लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने कहा कि सहरसा में इस नेत्र चिकित्सालय के खुलने से कोसी और सीमांचल क्षेत्र के हजारों लोगों को बेहतर और सुलभ नेत्र उपचार की सुविधा मिलेगी। अब लोगों को आंखों के इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा। अत्याधुनिक मशीनों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की सुविधा से मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज यहीं उपलब्ध होगा।
जगद्गुरु शंकराचार्य ने यह भी जानकारी दी कि मधुबनी और पटना में भी शंकरा चिकित्सालय के नए भवनों का निर्माण किया जाएगा और जल्द ही वहां भी शुभारंभ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल बिहार के स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूत करेगी।
मीडिया से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि इस अस्पताल की विस्तृत जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाई जाए, ताकि आम जनता इसका लाभ उठा सके। उन्होंने कहा कि जनजागरूकता के बिना ऐसी सुविधाओं का पूरा लाभ समाज तक नहीं पहुंच पाता।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह अस्पताल गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए वरदान साबित होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं गांव-गांव तक पहुंचे।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इस पहल को सहरसा और पूरे बिहार के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया। लोगों का मानना है कि इस अस्पताल के शुरू होने से हजारों मरीजों को नई रोशनी और बेहतर जीवन का अवसर मिलेगा।
