सीतामढ़ी जिले के सुरसंड प्रखंड में आयोजित जनता दरबार के दौरान जिलाधिकारी ऋचा पांडेय ने आम लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के सख्त निर्देश दिए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी शिकायतों को लेकर पहुंचे, जहां सड़क, जल-निकासी, नल-जल योजना, बिजली आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं।
जनता दरबार में लोगों ने बताया कि कई जगहों पर नल-जल योजना सही ढंग से काम नहीं कर रही है, जिससे पेयजल संकट बना हुआ है। वहीं कई सड़कों की स्थिति जर्जर है, जिससे आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। जल-निकासी की समस्या के कारण कई मोहल्लों में गंदा पानी जमा है और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ रही हैं।
डीएम ऋचा पांडेय ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि नल-जल योजनाओं को व्यवस्थित किया जाए और खराब सड़कों की मरम्मत जल्द से जल्द सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं को हल करना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
इसके बाद जिलाधिकारी ने राजकीय कन्या मध्य विद्यालय का निरीक्षण कर शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सह प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी प्रमोद कुमार से विद्यालय संचालन, शिक्षकों की उपस्थिति और शैक्षणिक व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे गए।
लेकिन प्रमोद कुमार संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस पर नाराज जिलाधिकारी ने तत्काल कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के पदभार से हटा दिया। डीएम की इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
स्थानीय लोगों ने डीएम की इस सख्त कार्रवाई की सराहना की है। उनका कहना है कि लंबे समय से प्रशासनिक लापरवाही के कारण समस्याएं बढ़ रही थीं, लेकिन अब सख्त कदम उठने से व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जगी है।
