पटना: बिहार में अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए है। पहले ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ के जरिए अपराधियों पर शिकंजा कसा गया, वहीं अब एनकाउंटर और लगातार छापेमारी से बदमाशों में खौफ का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। भागलपुर से लेकर सिवान तक पुलिस की सख्ती साफ नजर आ रही है।

बिहार पुलिस मुख्यालय के एडीजी सुनील कुमार ने वर्ष 2026 के पहले तीन महीनों के आंकड़े जारी करते हुए बताया कि इस अवधि में कुल 99,158 अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई। जनवरी में 32,872, फरवरी में 32,675 और मार्च में 33,611 अपराधियों को पकड़ा गया। ये आंकड़े राज्य में तेज और सक्रिय पुलिसिंग का संकेत देते हैं।

हार्डकोर अपराधियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की गई है। तीन महीनों में 3,483 कुख्यात अपराधी गिरफ्तार हुए हैं। इनमें जनवरी में 1,113, फरवरी में 1,191 और मार्च में 1,179 शामिल हैं। इन सभी पर गंभीर आपराधिक मामलों में कार्रवाई जारी है।

नक्सल गतिविधियों पर भी पुलिस ने काफी हद तक नियंत्रण का दावा किया है। जनवरी से मार्च के बीच कुल 27 नक्सली गिरफ्तार किए गए, जिनमें जनवरी में 9, फरवरी में 6 और मार्च में 13 शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, राज्य में नक्सल प्रभाव अब लगभग समाप्ति की ओर है।

फिरौती के लिए अपहरण के मामलों में भी कमी देखी गई है। इस दौरान कुल 8 अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी हुई है। जनवरी में 5, फरवरी में कोई गिरफ्तारी नहीं और मार्च में 3 अपराधी पकड़े गए।

अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए गए अभियान में 1,086 आग्नेयास्त्र जब्त किए गए हैं। जनवरी में 352, फरवरी में 355 और मार्च में 379 हथियार बरामद हुए। इसके अलावा 13 लाइसेंसी हथियार भी जब्त किए गए।

सबसे अहम बात यह है कि पुलिस ने तीन महीनों में 24 अवैध मिनी गन फैक्ट्रियों का भी भंडाफोड़ किया है। पुलिस मुख्यालय का कहना है कि आगे भी इसी तरह अभियान जारी रहेगा ताकि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह मजबूत बनी रहे।

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