नशे के खिलाफ जागरूकता और सामाजिक भागीदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से हाजीपुर के बिका सभागार में ‘नशामुक्त बिहार’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने हिस्सा लेकर युवाओं और नई पीढ़ी को नशे से दूर रखने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, विधान पार्षद डॉ. संजय मयूख, कार्यक्रम के आयोजक समाजसेवी किशलय किशोर, बिका के निदेशक जितेंद्र कुमार, सुश्री चेतना झांब, डॉ. पंकज सिंह, मनीष कुमार और शेखर कुमार सहित अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि नशामुक्त समाज का निर्माण करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को नशे की लत से बचाने के लिए समाज, अभिभावकों और शिक्षकों को मिलकर काम करना होगा। युवाओं की ऊर्जा को शिक्षा, खेल, रोजगार और अन्य सकारात्मक गतिविधियों की दिशा में लगाने पर भी उन्होंने जोर दिया।
विधान पार्षद डॉ. संजय मयूख ने वैशाली में नशे के बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वैशाली की पहचान लोकतंत्र और ज्ञान की भूमि के रूप में रही है। ऐसे में समाज को नशे जैसी समस्या से बचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है। उन्होंने अभियान को गैर-राजनीतिक बताते हुए इसे पूरे बिहार में आगे बढ़ाने की बात कही।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे समाजसेवी किशलय किशोर ने कहा कि नशे का असर केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे परिवार और आने वाली पीढ़ियों को प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर शिक्षा, रोजगार, खेल और समाज निर्माण में अपनी ऊर्जा लगाने की अपील की।
बिका के निदेशक जितेंद्र कुमार ने कहा कि नशामुक्ति जैसे सामाजिक अभियानों के लिए संस्थान का परिसर उपलब्ध रहेगा। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के महामंत्री डॉ. पंकज सिंह ने भी अभियान में शिक्षकों के सहयोग का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम का संचालन राजा उत्सव ने किया। इस दौरान चेतना झांब, मनीष कुमार, शेखर कुमार, आलोक रंजन, अंशु सिंह, पिंटू पांडेय, राजू सहनी, राहुल राय, रविरंजन, अंकित पांडेय, मुकुल पांडेय और निखिल राय सहित कई लोग मौजूद रहे।






