जामताड़ा। जिले में शुक्रवार को आस्था और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। एक ओर जिला मुख्यालय सहित विभिन्न प्रखंडों में देवशिल्पी भगवान विश्वकर्मा की पूजा धूमधाम और श्रद्धा के साथ की गई, वहीं दूसरी ओर बगा पंचमी के पावन अवसर पर नाला प्रखंड के आमलाजोड़ा गांव में मां मनसा देवी की विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। दोनों ही आयोजनों को लेकर सुबह से ही क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा।
मशीनों और औजारों की हुई पूजा
विश्वकर्मा पूजा को लेकर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जगह-जगह पूजा पंडाल सजाए गए। गैराज, वर्कशॉप, विद्युत पावर उपकेंद्र, बस स्टैंड और विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित कर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की गई।
कारीगरों, व्यापारियों, वाहन चालकों और श्रमिकों ने अपने वाहनों, मशीनों और औजारों को साफ-सफाई कर विधि-विधान से भगवान विश्वकर्मा की पूजा की। इस दौरान लोगों ने अपने व्यवसाय में तरक्की, कार्यस्थल पर सुरक्षा और परिवार में सुख-समृद्धि की कामना की। पूजा के बाद कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण भी किया गया।
आमलाजोड़ा में मां मनसा की आराधना
इधर, बगा पंचमी के अवसर पर नाला प्रखंड के आमलाजोड़ा गांव में मां मनसा देवी की पूजा श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुई। मंदिर परिसर में मां मनसा की प्रतिमा स्थापित कर पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई।
पूजा को लेकर सुबह से ही महिलाओं और श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर परिसर में जुटने लगी। श्रद्धालुओं ने मां मनसा से परिवार की सुख-शांति और मंगलमय जीवन की कामना की। स्थानीय मान्यता के अनुसार मां मनसा की पूजा नाग संबंधी भय से सुरक्षा और परिवार के कल्याण के लिए की जाती है।
पूजा-अर्चना के बाद भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। दोनों धार्मिक आयोजनों को लेकर पूरे क्षेत्र में दिनभर उत्साह और भक्तिमय वातावरण बना रहा।
रिपोर्ट: संतोष कुमार, जामताड़ा






