सहरसा जिले के नगर पंचायत क्षेत्र में सफाई कर्मियों की हड़ताल लगातार तीसरे दिन भी जारी रही। सफाई कार्य ठप रहने के कारण नगर पंचायत के सभी 16 वार्डों में जगह-जगह कचरे का ढेर जमा हो गया है। सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, कचरे से निकल रही दुर्गंध के कारण आसपास के लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। समय पर कचरा नहीं उठाए जाने से संक्रमण और बीमारी फैलने की आशंका भी जताई जा रही है। हड़ताल समाप्त कराने को लेकर गुरुवार को नगर पंचायत के ईओ नवीन कुमार और सफाई कर्मियों के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता हुई। हालांकि, बातचीत के बावजूद कोई सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद सफाई कर्मियों के प्रतिनिधियों ने सफाई एजेंसी के साथ भी बातचीत की। एजेंसी की ओर से करीब डेढ़ माह पहले हटाए गए 40 मजदूरों को दोबारा काम पर रखने में असमर्थता जताई गई।
हड़ताल समाप्त कराने को लेकर गुरुवार को नगर पंचायत के ईओ नवीन कुमार और सफाई कर्मियों के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता हुई। हालांकि, बातचीत के बावजूद कोई सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद सफाई कर्मियों के प्रतिनिधियों ने सफाई एजेंसी के साथ भी बातचीत की। एजेंसी की ओर से करीब डेढ़ माह पहले हटाए गए 40 मजदूरों को दोबारा काम पर रखने में असमर्थता जताई गई।
सफाई कर्मियों के प्रतिनिधि गब्बर मल्लिक ने ईओ और नगर अध्यक्ष पर सफाई मद में लाखों रुपये की घूस लेने का आरोप लगाया। हालांकि, आरोप के समर्थन में कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है। इस आरोप को लेकर ईओ या नगर अध्यक्ष की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है।
सफाई कर्मियों की प्रमुख मांगों में रिक्त पदों पर दैनिक वेतनभोगी कर्मियों की नियुक्ति, समय पर मानदेय का भुगतान और निर्धारित न्यूनतम मजदूरी के अनुसार पारिश्रमिक देना शामिल है। इसके अलावा सफाई कर्मियों ने सफाई और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने, स्वास्थ्य परीक्षण कराने तथा करीब डेढ़ माह पहले हटाए गए 40 मजदूरों को दोबारा काम पर रखने की मांग की है।
इन मांगों को लेकर सफाई कर्मियों ने मंगलवार से काम पूरी तरह ठप कर रखा है। लगातार तीसरे दिन सफाई व्यवस्था बाधित रहने से नगर पंचायत के 16 वार्डों में कचरे का अंबार लग गया है। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। अब देखना होगा कि नगर पंचायत प्रशासन और सफाई कर्मियों के बीच बातचीत से कब तक समाधान निकलता है और शहर की सफाई व्यवस्था कब पटरी पर लौटती है।






