जामताड़ा। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जामताड़ा के तत्वावधान में शहरडाल पंचायत के विभिन्न गांवों में न्याय रथ के माध्यम से सघन विधिक जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता और सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना था।
न्याय रथ के माध्यम से पंचायत के गांवों में पहुंचकर लोगों को जरूरी कानूनी प्रावधानों और उपलब्ध सरकारी सुविधाओं की जानकारी दी गई। इसके बाद शहरडाल पंचायत भवन में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में एलएडीसी अधिवक्ता उत्तम कुमार और पैनल लॉयर ओम प्रकाश मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
अधिवक्ताओं ने ग्रामीणों को सड़क दुर्घटना में पीड़ित व्यक्ति और उसके आश्रितों को मिलने वाले मुआवजे के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दुर्घटना के बाद मुआवजे का दावा करने के लिए किन कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना होता है और संबंधित दस्तावेजों की क्या आवश्यकता पड़ती है।
शिविर में दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया और दिव्यांगजनों के लिए उपलब्ध सरकारी सुविधाओं के बारे में भी लोगों को जानकारी दी गई। वहीं जरूरतमंद बच्चों के लिए संचालित स्पॉन्सरशिप योजना की जानकारी देते हुए पात्र लाभुकों से मौके पर ही आवेदन भी लिए गए, ताकि उन्हें सरकारी सहायता का लाभ दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।
कार्यक्रम के दौरान जेल में बंद बंदियों के कानूनी अधिकारों पर भी चर्चा हुई। अधिवक्ताओं ने बताया कि कानून के तहत प्रत्येक बंदी को कई अधिकार प्राप्त हैं। आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
अभियान को सफल बनाने में अधिकार मित्र विश्वजीत पाल, आरिफा खातून, निताई मंडल, शिवनाथ मंडल, आनंद महतो और सुमन टुडू की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
रिपोर्ट: संतोष कुमार, जामताड़ा







