भागलपुर। बिहार में गंगा के उफान के कारण भागलपुर जिले की 86 से अधिक पंचायतों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। बाढ़ के बीच जिला प्रशासन की सक्रियता और राहत व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर भागलपुर के प्रभारी सचिव दीपक आनंद लगातार धरातल पर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
प्रभारी सचिव ने आपदा प्रबंधन एडीएम कुंदन कुमार समेत अन्य अधिकारियों के साथ शहरी और ग्रामीण इलाकों में संचालित राहत शिविरों का देर रात तक औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिविरों में रह रहे बाढ़ पीड़ितों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि राहत शिविरों में किसी भी पीड़ित को परेशानी नहीं होनी चाहिए।
प्रभारी सचिव ने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए बड़े स्तर पर राहत कार्य चलाए जा रहे हैं। जिले में 6 प्रमुख राहत शिविरों के साथ 86 कम्युनिटी किचन संचालित किए जा रहे हैं, जहां बाढ़ पीड़ितों को दोनों समय गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
बच्चों की विशेष जरूरतों का भी ध्यान रखा जा रहा है। 6 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा राहत शिविरों में स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्राथमिक चिकित्सा दल तैनात हैं, जबकि पीने के लिए स्वच्छ पानी और मोबाइल शौचालय की व्यवस्था की गई है।
बाढ़ के कारण विस्थापित मवेशियों के लिए पर्याप्त चारे का इंतजाम किया गया है। वहीं राहत शिविरों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने का निर्देश भी दिया गया है।
प्रभारी सचिव ने कहा कि जिला प्रशासन की पूरी टीम निष्ठा के साथ राहत और बचाव कार्य में जुटी है। जल संसाधन विभाग की ओर से तटबंधों की मरम्मत का काम तेज गति से कराया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार गंगा का जलस्तर फिलहाल बढ़ा हुआ है, लेकिन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि हालात सामान्य होने तक राहत कार्य पूरी सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ जारी रहेंगे।






