पटना: लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है. केंद्रीय मंत्री के मंत्रालय को एक धमकी भरा संदेश मिला है. बताया जा रहा है कि यह संदेश बिना हस्ताक्षर का है, जिसमें चिराग पासवान को जल्द जान से मारने की धमकी दी गई है. संदेश में दो मोबाइल नंबर भी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है.
धमकी भरे संदेश में क्या लिखा?
मिली जानकारी के अनुसार, संदेश में लिखा गया है कि “आपको जल्द ही कट्टर आतंकवादियों द्वारा मार दिया जाएगा.” संदेश सामने आने के बाद संबंधित अधिकारी और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं. हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि धमकी भेजने वाला कौन है और इसके पीछे उसका वास्तविक उद्देश्य क्या है.
गृह सचिव को दी गई जानकारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय मंत्री को मिली धमकी की जानकारी गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई गई है. गृह सचिव को भी तत्काल इस मामले से अवगत कराया गया है. अधिकारियों से संदेश की प्रमाणिकता की जांच करने, इसके स्रोत का पता लगाने और किसी संभावित साजिश की आशंका होने पर गहन जांच कराने का अनुरोध किया गया है.
दो मोबाइल नंबर भी जांच के दायरे में
धमकी भरे संदेश में दर्ज दोनों मोबाइल नंबरों की भी जांच की जा सकती है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि इन नंबरों का इस्तेमाल किस व्यक्ति या समूह ने किया और धमकी भेजने के पीछे असली मकसद क्या था. साथ ही, चिराग पासवान की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर जरूरत पड़ने पर सुरक्षा बढ़ाने की मांग की गई है.
पहले से Z श्रेणी की सुरक्षा
चिराग पासवान को पहले से गृह मंत्रालय की ओर से Z श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है. केंद्रीय मंत्री की राजनीतिक सक्रियता को देखते हुए उनकी सुरक्षा पहले से ही कड़ी है. अब धमकी मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था की तत्काल समीक्षा की जरूरत महसूस की जा रही है.
फिलहाल, धमकी में आतंकवादियों का जिक्र होने के बावजूद जांच पूरी होने से पहले यह कहना जल्दबाजी होगी कि इसके पीछे किसी आतंकी संगठन का हाथ है. एजेंसियां संदेश के तकनीकी स्रोत, मोबाइल नंबरों और अन्य सुरागों की जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचेंगी.






