
धनबाद: शहर के प्रमुख खेल मैदान गोल्फ ग्राउंड रणधीर वर्मा स्टेडियम में एक बार फिर मेले के आयोजन की तैयारी को लेकर विवाद गहराने लगा है। मैदान में गैर-खेल गतिविधियों के आयोजन की खबर से खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और मॉर्निंग वॉक करने वालों में नाराजगी देखी जा रही है। खिलाड़ियों का कहना है कि लंबे समय तक मेले के आयोजन से उनका नियमित अभ्यास प्रभावित होता है, जबकि मैदान की स्थिति भी खराब हो जाती है।
इस मुद्दे पर धनबाद विधायक राज सिन्हा ने जिला प्रशासन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि खेल मैदानों पर सबसे पहला अधिकार खिलाड़ियों का है और किसी भी स्थिति में लंबे समय तक मैदान को गैर-खेल गतिविधियों के लिए आवंटित नहीं किया जाना चाहिए। विधायक ने कहा कि एक-दो दिन के छोटे आयोजनों पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन महीनों तक मैदान में मेला लगाने से स्थानीय खिलाड़ियों और युवाओं की तैयारी पूरी तरह ठप हो जाती है।
राज सिन्हा ने चेतावनी दी कि यदि लंबे समय के लिए खेल मैदान आवंटित करने की व्यवस्था पर रोक नहीं लगाई गई तो इस मुद्दे को रांची में मंत्रियों और उच्च अधिकारियों के सामने उठाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन किया जाएगा।
वहीं स्थानीय खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों ने भी मैदान की बदहाल सुविधाओं को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि बार-बार मेले लगने से रनिंग ट्रैक और मैदान को नुकसान पहुंचता है। आयोजन समाप्त होने के बाद मैदान में कांच के टुकड़े, नुकीली कीलें और अन्य कचरा पड़े रहने की शिकायतें सामने आती हैं, जिससे बच्चों और खिलाड़ियों के चोटिल होने का खतरा बना रहता है। खिलाड़ियों ने मैदान में शौचालय और पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया है।
इधर, धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि जिला प्रशासन खिलाड़ियों और स्थानीय व्यापारियों, दोनों के हितों को ध्यान में रखकर निर्णय ले रहा है। उनके अनुसार मेले स्थानीय रोजगार और हस्तशिल्प को बढ़ावा देते हैं, लेकिन खेल गतिविधियां भी प्राथमिकता हैं। प्रशासन फिलहाल सीमित अवधि के लिए अनुमति देने पर विचार कर रहा है।
उपायुक्त ने बताया कि भविष्य में इस विवाद का स्थायी समाधान निकालने के लिए धनबाद में अलग से एक समर्पित मेला ग्राउंड चिन्हित करने की प्रक्रिया चल रही है, ताकि गोल्फ ग्राउंड को पूरी तरह खेल गतिविधियों के लिए सुरक्षित रखा जा सके।






