पटना में प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी, लंबित नियुक्तियों और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता समेत 13 सूत्री मांगों को लेकर छात्रों का आंदोलन मंगलवार को उग्र हो गया। गर्दनीबाग में पिछले कई दिनों से जारी शिक्षा सत्याग्रह 2.0 के तहत छात्र नेताओं ने गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए मार्च निकाला। इस आंदोलन को 15 से अधिक छात्र संगठनों, शिक्षकों और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का समर्थन बताया गया है।
मार्च के दौरान जेपी गोलंबर पर पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और डाक बंगला की ओर बढ़ गए। इस दौरान छात्रों और पुलिस के बीच झड़प हुई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पानी की बौछारें छोड़ीं और हल्का बल प्रयोग किया। कई छात्रों को हिरासत में लिया गया।
प्रदर्शन के दौरान पत्थरबाजी में डीएसपी कामख्या नारायण के नाक में चोट लगने की भी जानकारी सामने आई है। वहीं, छात्र नेता अमन यादव ने गांधी मैदान एसएचओ पर मारपीट का आरोप लगाया है।
छात्रों की प्रमुख मांगों में 70वीं BPSC परीक्षा दोबारा कराने, 1,799 पदों वाली दरोगा भर्ती परीक्षा रद्द करने, TRE-4 शिक्षक भर्ती को एक स्तरीय परीक्षा बनाने, लंबित BSSC परीक्षाएं कराने और भर्ती परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर जारी करने की मांग शामिल है। छात्र परीक्षा के बाद प्रश्नपत्र, उत्तर-कुंजी और OMR शीट उपलब्ध कराने तथा पेपर लीक और धांधली के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की भी मांग कर रहे हैं।
इस बीच नर्सिंग कॉलेजों के फार्मेसी और लैब टेक्नीशियन के छात्र भी सेशन में देरी को लेकर प्रदर्शन में शामिल हो गए। वहीं, पाटलिपुत्र सैटेलाइट सिटी के विरोध में किसानों ने भी गांधी मैदान से सीएम आवास की ओर मार्च किया। किसानों का कहना है कि उनकी कृषि भूमि पर तीन फसलें होती हैं और वे जमीन सरकार को नहीं देंगे।
छात्र संगठनों का कहना है कि सरकार से वार्ता के बावजूद सहमति नहीं बनी, इसलिए उन्होंने लोकतांत्रिक तरीके से सीएम आवास घेराव का फैसला लिया।






