
बिहार में एनीमिया की रोकथाम और नियंत्रण को लेकर मंगलवार, 25 अगस्त 2026 से ‘एनीमिया मुक्त बिहार अभियान’ की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने राज्यस्तर पर अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सहरसा सदर अस्पताल में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जिलाधिकारी दीपेश कुमार शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अभियान के लाभार्थियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। सहरसा जिले में यह विशेष अभियान 25 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक संचालित होगा। अभियान के तहत सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों, विद्यालयों और निर्धारित स्थलों पर डिजिटल हीमोग्लोबिनोमीटर के माध्यम से लोगों की एनीमिया जांच की जाएगी।
जांच के दौरान एनीमिया की पुष्टि होने पर लाभार्थियों को उनकी उम्र और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार आवश्यक दवा, आयरन-फोलिक एसिड की गोलियां, पोषण संबंधी परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों के लिए चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार उपचार की अलग-अलग व्यवस्था की जाएगी।
गंभीर एनीमिया से पीड़ित मरीजों को चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार एफसीएम और आईवी सुक्रोज जैसी उपचार सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। अभियान के तहत राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीमों, एएनएम और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के माध्यम से नियमित जांच कराई जाएगी।
अभियान के दौरान एनीमिया से चिन्हित लाभार्थियों का नियमित फॉलो-अप भी किया जाएगा, ताकि उन्हें समय पर दवा और आवश्यक उपचार मिल सके। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों की जांच कर एनीमिया की पहचान और समय पर उपचार सुनिश्चित करना है।
जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने कहा कि सहरसा को एनीमिया मुक्त बनाना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि वे अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र, विद्यालय या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर एनीमिया की जांच कराएं और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार दवा व उपचार लें।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अभियान में सक्रिय भागीदारी करने और परिवार के पात्र सदस्यों की भी जांच कराने की अपील की है।






