
सहरसा जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल संत बाबा कारू खिरहर स्थान पर कथित अवैध वसूली और मंदिर की व्यवस्था को लेकर विवाद गहरा गया है। सोमवार को कथित अवैध वसूली को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट की घटना के बाद महिषी थाना में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की गई। इसके बाद मंगलवार शाम मंदिर परिसर में चार गांवों के ग्रामीणों की बैठक हुई, जिसमें मंदिर की व्यवस्था के लिए नई समिति गठित करने और कथित अवैध वसूली पर रोक लगाने की मांग उठाई गई।
ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर में देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु पहुंचते हैं और यहां बड़ी राशि में चढ़ावा आता है। नहवार मुखिया प्रतिनिधि नंदन कुमार ने आरोप लगाया कि करीब एक वर्ष से सार्वजनिक संपत्ति और मंदिर की व्यवस्था का निजी तौर पर उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंदिर की आय के अनुरूप विकास कार्य धरातल पर दिखाई नहीं दे रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की मांग की और कहा कि समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण जनआंदोलन कर सकते हैं।
पूर्व मुखिया नरेश यादव ने वर्तमान सदस्य निरंजन कुमार पर करीब दो करोड़ रुपये के गबन का आरोप लगाया। उन्होंने श्रद्धालुओं और राहगीरों से कथित अवैध पार्किंग शुल्क वसूली तथा श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार का भी आरोप लगाया। साथ ही रुपये लेकर सदस्य बनाए जाने का आरोप लगाते हुए पूरी व्यवस्था की जांच की मांग की।
पूर्व सचिव बैजनाथ खिरहर ने कहा कि पहले अध्यक्ष की सहमति से गठित टीम ग्रामीणों की मौजूदगी में दान पेटी खोलती थी और राशि की गिनती पारदर्शी तरीके से की जाती थी। उन्होंने इसी तरह की व्यवस्था बहाल करने और नई समिति के गठन की मांग की।
वहीं, महंथ ने न्यास बोर्ड द्वारा एक व्यक्ति को अध्यक्ष बनाए जाने पर सवाल उठाते हुए जांच के बाद समिति गठित करने की मांग की। उन्होंने दान पेटी को लेकर पूर्व में शिकायतें आने का भी आरोप लगाया।
बैठक में ग्रामीणों ने मंदिर की आय-व्यय में पारदर्शिता, समिति गठन, कथित अवैध वसूली पर रोक और श्रद्धालुओं के साथ बेहतर व्यवहार की मांग की। हालांकि, लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्ष का पक्ष सामने नहीं आया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।





