मुंगेर में बीसैप-9 में ट्रेनिंग ले रही ट्रांसजेंडर कांस्टेबल अवंतिका की मौत के मामले में एक नया और अहम साक्ष्य सामने आया है। मौत से ठीक पहले अवंतिका ने करीब तीन मिनट का वीडियो बनाया था। पुलिस इस वीडियो को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा मान रही है और इसकी तकनीकी व परिस्थितिजन्य जांच की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, वीडियो में अवंतिका ने अपने जीवन में समाज की ओर से झेली गई कथित प्रताड़ना और उपेक्षा का दर्द बयां किया है। साथ ही, उसने अपनी मौत के बाद परिवार के भरण-पोषण की चिंता जताते हुए स्वजन को नौकरी दिए जाने की गुहार भी लगाई है। पुलिस ने उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी सीडीआर की जांच की जा रही है।
जमालपुर थानाध्यक्ष पंकज कुमार पासवान के अनुसार, मौत से पहले बनाए गए वीडियो और कॉल डिटेल के आधार पर हर पहलू की जांच की जा रही है और वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
अवंतिका पूर्वी चंपारण जिले के पहाड़पुर थाना क्षेत्र की रहने वाली थी। उसके पिता उमाशंकर पासवान ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी। उन्होंने मजदूरी कर बेटी को पढ़ाया-लिखाया और पुलिस सेवा में भेजने का सपना पूरा किया।
रविवार को अवंतिका ने अपनी मां से फोन पर बात भी की थी। उसने बताया था कि छुट्टी के दिन भी प्रशिक्षण चल रहा है और तबीयत खराब होने के कारण वह बैरक में आराम कर रही है। इसके कुछ समय बाद ही उसकी मौत की खबर सामने आई।
अवंतिका का शव रविवार शाम बीसैप-9 की बैरक के बाथरूम में मिला था। घटना के बाद पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। सोमवार को बीसैप की आईजी एस. प्रेमलता ने जमालपुर पहुंचकर बैरक का निरीक्षण किया और प्रशिक्षु जवानों व प्रशिक्षण से जुड़े कर्मियों से पूछताछ की। अधिकारियों से भी विस्तृत जानकारी ली गई।
पोस्टमार्टम के बाद अवंतिका के पार्थिव शरीर को बीसैप-9 परिसर लाया गया, जहां परिजनों ने अंतिम दर्शन किए। इसके बाद पुलिस अधिकारियों और बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर श्रद्धांजलि दी।
बताया गया कि 17 अगस्त से बीसैप-9 में 502 जवानों का 216 दिवसीय विशेष बुनियादी प्रशिक्षण शुरू हुआ था। इनमें 17 ट्रांसजेंडर सिपाही शामिल थे। अवंतिका की मौत के बाद अब इनकी संख्या 16 रह गई है। पुलिस अब वीडियो, सीडीआर और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मौत की परिस्थितियों की जांच कर रही है।






