70वीं बीपीएससी परीक्षा पर विवाद के बीच परीक्षा नियंत्रक का बयान, ‘हाथी चले बाजार…’ टिप्पणी पर मांगी माफी

70वीं बीपीएससी परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों की ओर से लगाए जा रहे आरोपों के बीच बिहार लोक सेवा आयोग के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने आयोग का पक्ष रखा। उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन, 60 फीसदी से अधिक अंक, हिंदी माध्यम के अभ्यर्थियों की कथित उपेक्षा और परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने कई बिंदुओं पर सफाई दी।

 

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प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब उनसे आरोप लगाने वाले छात्रों के खिलाफ मानहानि का दावा करने को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने ‘हाथी चले बाजार, कुत्ता भौंके हजार’ लोकोक्ति का इस्तेमाल किया। इस बयान के बाद राजनीतिक और छात्र संगठनों की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

 

विवाद बढ़ने के बाद राजेश कुमार सिंह ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि उन्होंने सवाल-जवाब के क्रम में केवल एक लोकोक्ति कही थी, जिसे सोशल मीडिया पर गलत तरीके से प्रसारित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनका किसी व्यक्ति पर व्यक्तिगत टिप्पणी करने या किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था। उन्होंने अपनी बात से किसी को ठेस पहुंचने पर माफी मांगी।

 

वहीं, वायरल उत्तर पुस्तिका को लेकर उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर जिस खाली पेज को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, वह एक प्रश्न के दो हिस्सों से संबंधित है, जिसमें अभ्यर्थी को शून्य अंक मिले हैं। उन्होंने पूरी उत्तर पुस्तिका दिखाते हुए कहा कि अन्य प्रश्नों के उत्तर अच्छे तरीके से लिखे गए हैं। उनके अनुसार मूल्यांकन में केवल उत्तर की लंबाई नहीं, बल्कि विषयवस्तु और प्रश्न की मांग को देखा जाता है।

 

60 फीसदी से अधिक अंक को लेकर उन्होंने कहा कि आयोग में ऐसा कोई नियम नहीं है कि इससे ज्यादा अंक नहीं दिए जा सकते। हालांकि ऐसे मामलों में उत्तर पुस्तिका की दोबारा जांच की व्यवस्था है।

 

हिंदी माध्यम के अभ्यर्थियों की उपेक्षा के आरोप पर उन्होंने कहा कि आयोग के पास ऐसा कोई आंकड़ा नहीं है, जिससे माध्यम के आधार पर अभ्यर्थियों को अलग किया जा सके। मुख्य परीक्षा में अभ्यर्थी अपनी सुविधा के अनुसार हिंदी या अंग्रेजी में उत्तर लिख सकते हैं।

 

परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि अगले 15 दिनों में सभी अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाएं अपलोड करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आयोग परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संचालित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

 

 

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