लखीसराय जिले के प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर में 17 अगस्त को तीसरी सोमवारी के दिन हुई भगदड़ के बाद जिला प्रशासन ने आगामी चौथी सोमवारी को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। भगदड़ में सात महिलाओं की मौत और 25 से अधिक श्रद्धालुओं के घायल होने के बाद प्रशासन इस बार हर कदम बेहद सतर्कता के साथ उठा रहा है।
जानकारी के अनुसार, बिहार सरकार की ओर से भेजी गई न्यास बोर्ड के तीन अधिकारियों की टीम ने तीन दिन पहले अशोक धाम पहुंचकर पूरी घटना की जानकारी ली थी। टीम ने घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच करने के बाद राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।
इसके बाद जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार और पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार के नेतृत्व में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय से मिले दिशा-निर्देशों के आधार पर करीब एक सप्ताह तक अशोक धाम में व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने को लेकर विचार-विमर्श किया गया। अशोक धाम की पूरी व्यवस्था की जिम्मेदारी एडीएम नीरज कुमार को दी गई है।
डीएम शैलेन्द्र कुमार ने बताया कि रेलवे प्रशासन से भी बातचीत की गई है। पिछली घटना में चेन पुलिंग कर ट्रेन रोकने जैसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। बीच के रास्तों में बैरिकेडिंग बढ़ाई गई है और एंबुलेंस की संख्या भी बढ़ाई गई है।
रेल व्यवस्था को लेकर दानापुर डीआरएम से विशेष ट्रेनों के परिचालन में बदलाव की मांग की गई है। प्रशासन ने ट्रेनों को एक ही समय में एक ही ठहराव पर संचालित करने तथा रेलवे परिसर में आरपीएफ और जीआरपी की अतिरिक्त तैनाती का आग्रह किया है।
सुरक्षा को लेकर अशोक धाम स्टेशन और मंदिर तक आने वाली सड़कों पर बैरिकेडिंग, सीसीटीवी कैमरे और अलग-अलग प्रवेश मार्ग बनाए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं के लिए पुरुष और महिलाओं की अलग-अलग कतारों को भी विस्तार दिया जा रहा है।
एसपी प्रेरणा कुमार ने बताया कि संवेदनशील स्थानों पर मजिस्ट्रेट और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। सिविल ड्रेस में भी पुलिसकर्मी मौजूद रहेंगे। मुख्य नियंत्रण कक्ष से सीसीटीवी के जरिए पूरे क्षेत्र की निगरानी की जाएगी।
वहीं, मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भगदड़ में मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि के चेक दिए जा चुके हैं।






