किशनगंज से सटे पश्चिम बंगाल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के तीन दिवसीय दौरे के बीच सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा गतिविधियां तेज हो गई हैं। अमित शाह 20 से 22 अगस्त तक पश्चिम बंगाल के दौरे पर हैं, जहां वह सुरक्षा से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कर रहे हैं। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, इन बैठकों में रणनीतिक रूप से बेहद अहम सिलीगुड़ी कॉरिडोर यानी ‘चिकन नेक’ की सुरक्षा पर विशेष चर्चा हुई है।
अमित शाह के दौरे को देखते हुए किशनगंज से लगी भारत-नेपाल सीमा पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है। सीमा सुरक्षा और बेहतर समन्वय को लेकर ठाकुरगंज स्थित एसएसबी की 19वीं वाहिनी के परिसर में भारत-नेपाल सीमा जिला स्तरीय समन्वय समिति यानी BDCC की विशेष बैठक हुई।
बैठक में किशनगंज के जिलाधिकारी नवीन कुमार और पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के साथ नेपाल के झापा के प्रमुख जिला अधिकारी शिवराम गेलल और मोरंग के प्रमुख जिला अधिकारी युवराज कटेल समेत दोनों देशों के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में सीमा क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने, मादक पदार्थों और प्रतिबंधित सामान की तस्करी पर प्रभावी कार्रवाई तथा संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी को लेकर चर्चा हुई। दोनों देशों की सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के बीच सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और सीमा पार अपराधों पर नियंत्रण के लिए बेहतर तालमेल बनाने पर भी जोर दिया गया।
अब बात ‘चिकन नेक’ की। सिलीगुड़ी कॉरिडोर भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण रणनीतिक गलियारा है। अपने सबसे संकरे हिस्से में इसकी चौड़ाई करीब 20 किलोमीटर बताई जाती है। यही संकरा रास्ता भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है। इसी वजह से इसे भारत की सामरिक जीवनरेखा माना जाता है। गृह मंत्री के दौरे और सीमा पर बढ़ी निगरानी के बीच किशनगंज की सुरक्षा व्यवस्था पर भी खास नजर है।






