तेजपुर: मणिपुर के मोरेह इलाके में भारत-म्यांमार सीमा के पास सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। मोरेह पुलिस स्टेशन और 36 असम राइफल्स की संयुक्त टीम ने 20 अगस्त को एक विशेष अभियान चलाकर जंगल में छिपाकर रखे गए हथियारों और गोला-बारूद का बड़ा जखीरा बरामद किया है। इस कार्रवाई के बाद सीमावर्ती इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता और बढ़ा दी गई है।
पुलिस के मुताबिक, सुरक्षा बलों को हथियारों के छिपे होने की विशेष सूचना मिली थी। इसके आधार पर संयुक्त टीम ने बॉर्डर पिलर यानी बीपी-73 के सामान्य इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया। जंगल के दुर्गम हिस्सों में सघन तलाशी के दौरान टीम को हथियारों का छिपा हुआ कैश मिला, जिसे सुरक्षा बलों ने अपने कब्जे में ले लिया।
बरामद हथियारों में मैगजीन के साथ एक ए15 राइफल, मैगजीन के साथ एक एमए जी3 राइफल, एक देसी पिस्तौल, छह सिंगल-बैरल बंदूकें, दो देसी राइफलें और एक .22 राइफल शामिल हैं। इसके अलावा सुरक्षा बलों को 10 रेडियो सेट, पांच ड्रोन बम, पांच आईईडी, एक टियर गैस गन, टियर गैस के 17 राउंड, दो ग्रेनेड, दो बुलेटप्रूफ जैकेट और पांच जिंदा कारतूस भी मिले हैं।
संवेदनशील भारत-म्यांमार सीमा के पास इतनी बड़ी मात्रा में हथियार और अन्य सामान बरामद होना सुरक्षा बलों के लिए अहम सफलता मानी जा रही है। फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हथियारों का स्रोत क्या था और इन्हें जंगल में किस मकसद से छिपाकर रखा गया था।
बता दें कि इससे पहले जून में भी सुरक्षा बलों ने मणिपुर के पहाड़ी इलाकों में उग्रवाद विरोधी अभियान चलाया था। उस कार्रवाई के दौरान भी हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए थे, जिनमें दो एके-47 राइफल शामिल थीं। ताजा बरामदगी के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की निगरानी और तलाशी अभियान और तेज किए जाने की संभावना है।






