महाराष्ट्र के शिरडी में साईं बाबा के दर्शन करने पहुंचे बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार के इस्तीफे को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने किसी राजनीतिक दबाव में नहीं बल्कि “अगली पीढ़ी को मौका देने” की सोच के तहत मुख्यमंत्री पद छोड़ा।
विजय चौधरी ने बताया कि 14 अप्रैल 2026 को इस्तीफा देने से पहले नीतीश कुमार ने लंबे समय तक इस फैसले पर विचार किया था। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार करीब 20 वर्षों तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे और इस दौरान राज्य में विकास के कई बड़े काम हुए। अब उन्होंने महसूस किया कि नई पीढ़ी को नेतृत्व का अवसर मिलना चाहिए। इसी सोच के तहत बीजेपी के वरिष्ठ नेता और लंबे समय से सहयोगी रहे सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाया गया।
उन्होंने कहा, “बीजेपी शुरू से नीतीश कुमार के नेतृत्व का समर्थन करती रही है। इसलिए उन्होंने तय किया कि अब बीजेपी के किसी युवा चेहरे को आगे बढ़ाया जाए।”
शिरडी में मीडिया से बातचीत के दौरान विजय चौधरी ने स्वास्थ्य मंत्री बने निशांत कुमार को लेकर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि जेडीयू के कार्यकर्ता लंबे समय से चाहते थे कि निशांत राजनीति में आएं और पार्टी की जिम्मेदारी संभालें। हालांकि, उन्हें और नीतीश कुमार को मनाने में करीब छह महीने लग गए। इसके बाद ही निशांत सक्रिय राजनीति में आए और मंत्री पद संभाला।
उन्होंने भरोसा जताया कि निशांत कुमार स्वास्थ्य विभाग में बेहतर काम करेंगे और जनता की उम्मीदों पर खरे उतरेंगे।
वहीं, तेजस्वी यादव द्वारा परिवारवाद को लेकर लगाए गए आरोपों का भी विजय चौधरी ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि लालू यादव ने खुद अपने बेटे-बेटियों को राजनीति में आगे बढ़ाया, जबकि निशांत कुमार को राजनीति में लाने की मांग पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से उठी थी।
विजय चौधरी ने यह भी साफ किया कि बिहार में पहले भी एनडीए की सरकार थी और आज भी एनडीए की ही सरकार है। उन्होंने दावा किया कि जनता के हित में काम जारी रहा तो आने वाले वर्षों में भी बिहार में एनडीए का शासन बना रहेगा।
