भागलपुर में विक्रमशिला सेतु का मार्ग अवरुद्ध हो जाने के बाद जिला प्रशासन ने आम लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अस्थाई वैकल्पिक यातायात व्यवस्था की तैयारी तेज कर दी है। इसी क्रम में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने अधिकारियों के साथ बरारी घाट से मोटर बोट पर सवार होकर महादेवपुर घाट तक गंगा नदी के जलमार्ग का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने बताया कि बड़ी संख्या में लोग रोजाना नवगछिया से भागलपुर और भागलपुर से नवगछिया आवागमन करते हैं। ऐसे में उनकी परेशानी को देखते हुए जलमार्ग से यातायात व्यवस्था शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से निःशुल्क सरकारी नाव की व्यवस्था की जाएगी, जो प्रतिदिन सुबह 5:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक संचालित होगी।
इसके साथ ही पंजीकृत निजी नावों को भी परिचालन की अनुमति दी जाएगी। हालांकि निजी नावों में यात्रा करने वाले यात्रियों और वाहनों के लिए शुल्क जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित किया जाएगा, ताकि किसी तरह की मनमानी न हो सके।
जिलाधिकारी ने बताया कि घाटों पर यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके तहत पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग, स्वच्छ पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा सुविधा और सुरक्षा बलों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही प्रत्येक नाव पर गोताखोरों की भी व्यवस्था की जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
उन्होंने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि नावों पर यात्रियों की क्षमता स्पष्ट रूप से अंकित रहेगी और सभी यात्रियों को इसका पालन करना होगा। क्षमता पूरी होने के बाद अतिरिक्त यात्रियों को नाव पर चढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जिससे किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
इस मौके पर वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव, उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे।
