जामताड़ा सदर अस्पताल में बुधवार देर रात एक खतरनाक घटना ने पूरे स्वास्थ्य सिस्टम की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। एक अज्ञात युवक ने अस्पताल परिसर में रखे जनरेटर को निशाना बनाते हुए उसमें आग लगा दी। यह घटना इतनी भयावह थी कि अगर समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो पूरा अस्पताल अंधेरे में डूब सकता था और मरीजों की जान पर सीधा खतरा मंडरा सकता था।
घटना के दौरान जैसे ही जनरेटर में आग भड़की, अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मरीजों और उनके परिजनों में दहशत का माहौल बन गया। लेकिन मौके पर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने बहादुरी दिखाते हुए अपनी जान जोखिम में डालकर आग पर काबू पाया, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि वारदात अस्पताल में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि एक युवक बेहद शातिर अंदाज में आता है, सीधे जनरेटर के पास पहुंचता है और उसमें आग लगाकर मौके से फरार हो जाता है। यह दृश्य साफ तौर पर किसी सुनियोजित साजिश की ओर इशारा करता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील और हाई सिक्योरिटी जोन में आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई। क्या यह महज लापरवाही है या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी है? अगर आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जाता, तो अस्पताल की बिजली व्यवस्था ठप हो जाती, ICU और इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित होतीं और कई मरीजों की जान खतरे में पड़ सकती थी।
हैरानी की बात यह है कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद अब तक न तो कोई FIR दर्ज की गई है और न ही किसी आरोपी की गिरफ्तारी हो सकी है। इसको लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और वे अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल मजबूत करने की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान में जुटी है और जल्द कार्रवाई का भरोसा दे रही है।
संवाददाता: संतोष कुमार
